वाशिंगटन/यरुशलम। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में शांति स्थापित करने और इजराइल के कूटनीतिक विस्तार के लिए एक बहुत बड़ा वैश्विक दांव खेला है। ट्रंप ने कहा है कि जैसे ही ईरान के साथ चल रहा युद्ध किसी समझौते के तहत खत्म होता है, वैसे ही सभी प्रमुख अरब और मुस्लिम देशों को आगे आकर इजराइल के साथ ऐतिहासिक 'अब्राहम अकॉर्ड्स' (शांति समझौते) पर हस्ताक्षर करने चाहिए।
अमेरिकी मीडिया संगठन 'एक्सियोज' (Axios) के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को एक बेहद महत्वपूर्ण और गोपनीय फोन कॉल के जरिए मध्यस्थ देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ यह चर्चा की। ट्रंप का मुख्य उद्देश्य इजराइल और मुस्लिम जगत के बीच कड़वाहट को खत्म कर रिश्तों को पूरी तरह सामान्य बनाना है।
8 देशों के साथ महा-मंथन: जब फोन पर छा गई चुप्पी
इस ऐतिहासिक फोन कॉल में दुनिया के 8 प्रमुख मुस्लिम और अरब देशों के नेता शामिल थे, जिनमें से कुछ के साथ इजराइल के कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं:
शामिल देश: सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन।
यूएई का खुला समर्थन: संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने ट्रंप के इस प्रस्ताव का स्वागत किया और कहा कि वे इस शांति समझौते के साथ हैं और भविष्य में भी सहयोग जारी रखेंगे।
जब कॉल पर हुआ सन्नाटा: अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, बातचीत के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब लाइन पर कुछ देर के लिए बिल्कुल चुप्पी छा गई। दरअसल, सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए यह बात चौंकाने वाली थी क्योंकि वे इजराइल को मान्यता नहीं देते। इस असहज चुप्पी को भांपते हुए ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में पूछा—"क्या सभी लोग अभी भी लाइन पर बने हुए हैं?"
क्या है अब्राहम अकॉर्ड्स (Abraham Accords)?
यह अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार किया गया एक ऐतिहासिक शांति समझौता है, जिसका उद्देश्य इजराइल को अरब देशों की ओर से कूटनीतिक मान्यता दिलाना है।
| चरण | वर्ष | शामिल देश | महत्व |
|---|---|---|---|
| प्रस्ताव | 13 अगस्त 2020 | अमेरिका, इजराइल, UAE | दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म करने की शुरुआत। |
| पहला हस्ताक्षरकर्ता | 2020 | यूएई (UAE) | इजराइल से संबंध सामान्य करने वाला पहला खाड़ी देश बना। |
| विस्तार | बाद के चरण | बहरीन, सूडान और मोरक्को | समझौते का दायरा बढ़ा और मुस्लिम देशों ने हाथ मिलाया। |
ईरान भी बन सकता है समझौते का हिस्सा!
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर लिखा कि मिडिल ईस्ट के कई देशों ने शांति की इस अनूठी कोशिश का समर्थन किया है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि वह जल्द ही इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस विषय पर विस्तार से बात करेंगे।
भविष्य की बड़ी रणनीति: ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि भविष्य में ईरान भी इस अब्राहम समझौते का हिस्सा बन सकता है, लेकिन इसके लिए पहली शर्त यह होगी कि ईरान को इजराइल के अस्तित्व को स्वीकार करना होगा और उसे आधिकारिक मान्यता देनी होगी।
कुशनर संभालेंगे कमान
इस कूटनीतिक मिशन को जमीन पर उतारने के लिए ट्रंप ने अपने भरोसेमंद सलाहकारों जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ को जिम्मेदारी सौंपी है। आने वाले दिनों में ये दोनों अधिकारी इन सभी 8 देशों के संपर्क में रहेंगे ताकि ईरान युद्ध की समाप्ति के तुरंत बाद एक नए वैश्विक समझौते पर मुहर लगाई जा सके।