'हॉलिडे इन राजस्थान': अब 12 महीने गुलजार रहेगा मरुधरा; ऑफ-सीजन टूरिज्म के लिए डिप्टी सीएम दिया कुमारी का बड़ा मास्टरप्लान

सिर्फ सर्दियों में ही नहीं, मानसून में भी घूमेंगे पर्यटक; गांवों में रुकेंगे विदेशी सैलानी, डूंगरपुर-बांसवाड़ा को पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी।

25 May 2026  |  101

 

 

जयपुर। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक वैभव का दीदार करने के लिए अब सैलानियों को 'पीक सीजन' (सर्दियों) का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन को 12 महीने (सदाबहार) सक्रिय रखने के लिए एक महत्वाकांक्षी अभियान 'हॉलिडे इन राजस्थान' शुरू करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को साल के किसी भी महीने में राजस्थान में अपनी छुट्टियां बिताने के लिए आकर्षित करना है।

इस नई रणनीति के तहत राजधानी जयपुर, लेक सिटी उदयपुर, सन सिटी जोधपुर, कोटा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शेखावाटी क्षेत्र सहित राज्य के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को 'टूरिज्म हब' के रूप में और अधिक आधुनिक और आकर्षक बनाया जाएगा।

'ऑफ-सीजन' में भी बढ़ेगी रौनक: मानसून टूरिज्म पर जोर

राज्य की उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में इस कार्ययोजना का रोडमैप साझा किया।

सीजनल निर्भरता होगी खत्म: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राजस्थान का पर्यटन मुख्य रूप से सर्दियों के चुनिंदा महीनों पर निर्भर रहता है, जबकि मानसून और शोल्डर सीजन (सीजन की शुरुआत और अंत) में पर्यटकों की संख्या काफी कम हो जाती है।

आयोजित होंगे रोड शो और ट्रेवल मार्ट: इस ऑफ-सीजन के खालीपन को भरने के लिए सरकार 'मानसून टूरिज्म' को बढ़ावा देगी। इसके लिए देश-विदेश में बड़े स्तर पर कूटनीतिक रोड शो और इंटरनेशनल ट्रेवल मार्ट आयोजित किए जाएंगे।

गांवों में रात बिताएंगे विदेशी सैलानी: रूरल टूरिज्म को बढ़ावा

'हॉलिडे इन राजस्थान' अभियान की सबसे खूबसूरत कड़ी राज्य का 'ग्रामीण पर्यटन' (Rural Tourism) है। सरकार अब बड़े ऐतिहासिक शहरों से आगे बढ़कर उन छोटे कस्बों और गांवों को वैश्विक पटल पर ला रही है, जो अपनी अनूठी लोक कला और सादगी के लिए जाने जाते हैं।

विलेज स्टे और लोकल स्वाद: आदिवासी बहुल क्षेत्र बांसवाड़ा, डूंगरपुर और शेखावाटी के गांवों में ग्रामीण पर्यटन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार की योजना है कि देशी-विदेशी पर्यटक इन गांवों में आएं, ग्रामीणों के पारंपरिक घरों में रात्रि विश्राम (Night Stay) करें, चूल्हे पर बना स्थानीय राजस्थानी भोजन चखें और यहाँ की समृद्ध लोक कलाओं व लोक गीतों से रूबरू हों।

योजना के मुख्य बिंदु एक नजर में

मुख्य फोकस क्षेत्ररणनीति और योजनालक्षित क्षेत्र
हॉलिडे इन राजस्थानसालभर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष पैकेज और अभियान।पूरे प्रदेश के पर्यटन स्थल।
ऑफ-सीजन टूरिज्ममानसून के दौरान हरियाली और किलों के सौंदर्य को प्रमोट करना, रोड शो।जयपुर, उदयपुर, कोटा आदि।
रूरल टूरिज्मविलेज स्टे, स्थानीय हस्तशिल्प, भोजन और लोक कला का सीधा अनुभव।बांसवाड़ा, डूंगरपुर, शेखावाटी।

 

अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बूस्ट

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के इस विजन से न केवल राजस्थान में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प कलाकार और होम-स्टे चलाने वाले ग्रामीणों को इस योजना से सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

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