भोपाल / रीवा। मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी को जमीनी स्तर पर पुनर्जीवित और मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और आक्रामक रणनीति पर काम शुरू हो गया है। संगठन सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कांग्रेस ने नगर, मंडल एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के लिए दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविरों की श्रृंखला आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बड़े अभियान का शंखनाद आज यानी 25 मई से रीवा संभाग से होने जा रहा है, जो 28 मई तक चलेगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने इस अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए पार्टी के भावी विजन को सामने रखा है।
चुनावी औपचारिकता नहीं, वैचारिक रूप से मजबूत कैडर बनाना लक्ष्य
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने साफ किया कि यह प्रशिक्षण शिविर केवल कोई संगठनात्मक औपचारिकता या रस्म अदायगी नहीं है। इसका उद्देश्य कांग्रेस को बूथ स्तर तक वैचारिक रूप से मजबूत, अनुशासित और सक्रिय बनाना है।
हरीश चौधरी का बयान:
"आज के दौर में राजनीति केवल चुनाव लड़ने और जीतने तक सीमित नहीं रह गई है। आज जरूरत इस बात की है कि पार्टी जनता के बीच 24 घंटे सक्रिय रहे, उनके मुद्दों को उठाए और उनके हक के लिए संघर्ष करे। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक नगर, मंडल और ब्लॉक अध्यक्ष अपने क्षेत्र में केवल नाम का पदाधिकारी बनकर न बैठे, बल्कि एक सक्रिय संगठन निर्माता और जनता की बुलंद आवाज़ के रूप में उभरे।"
इन 8 मुख्य विषयों पर केंद्रित रहेगा दो दिवसीय प्रशिक्षण:
शिविर के दौरान कांग्रेस के जमीनी कप्तानों को आधुनिक राजनीति के गुर सिखाने के लिए एक विस्तृत पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसके तहत मुख्य रूप से इन विषयों पर चर्चा होगी:
संगठन की कार्यप्रणाली और अनुशासन का पाठ।
कांग्रेस की मूल विचारधारा से कैडर को रूबरू कराना।
जनसंपर्क के आधुनिक और प्रभावी तरीके।
बूथ प्रबंधन (Booth Management) की अचूक व्यूहरचना।
आज के दौर में सोशल मीडिया की भूमिका और उसका सही इस्तेमाल।
जनता से जुड़े मुद्दों पर जनआंदोलनों की सटीक रणनीति।
नेतृत्व क्षमता का विकास (Leadership Development)।
आम जनता के बीच जाकर प्रभावी और सकारात्मक संवाद स्थापित करना।
व्यक्ति आधारित नहीं, अब कैडर आधारित होगी कांग्रेस
इस मुहिम का एक सबसे बड़ा उद्देश्य मध्यप्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रही 'व्यक्ति आधारित राजनीति' (गुटबाजी) को समाप्त कर इसे पूरी तरह से एक 'कैडर आधारित, संघर्षशील और जवाबदेह' संगठन में तब्दील करना है। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि आने वाले समय में पार्टी का हर कार्यकर्ता गांव, वार्ड और बूथ स्तर तक न केवल सक्रिय नजर आए, बल्कि खोए हुए जनविश्वास को दोबारा हासिल करने में कामयाब हो।
निष्कर्ष:
रीवा संभाग से शुरू हो रही यह पहल मध्यप्रदेश कांग्रेस के लिए एक संजीवनी साबित हो सकती है। पार्टी को पूरा भरोसा है कि यह प्रशिक्षण अभियान कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और नई दिशा का संचार करेगा, जिससे आने वाले समय में राज्य के भीतर एक सशक्त, संगठित और जनहित के लिए सड़कों पर उतरने वाली कांग्रेस का पुनर्जन्म होगा।