आपके घर में हो रही है 'सीक्रेट' रिकॉर्डिंग? बेंगलुरु की स्टार्टअप 'प्रोंटो' पर लगा गंभीर आरोप, AI ट्रेनिंग के नाम पर बनाई जा रही थी वीडियो!

बर्तन धोने और सफाई करने का वीडियो बनाकर रोबोट्स को सिखाया जा रहा था काम; निवेशकों की रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा, भड़के लोग।

25 May 2026  |  73

 

 

टेक व कॉर्पोरेट डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके घर के काम करने वाले हेल्पर आपके बेडरूम या किचन की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे हैं? बेंगलुरु की एक मशहूर होम हेल्प सर्विस स्टार्टअप कंपनी 'प्रोंटो' (Pronto) इस समय एक बेहद संवेदनशील प्राइवेसी विवाद में घिर गई है। कंपनी पर आरोप लगा है कि उसके कर्मचारी ग्राहकों के घरों में सफाई और अन्य काम करने के दौरान वहां की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे।

हैरान करने वाली बात यह है कि इन वीडियो का इस्तेमाल किसी आपराधिक मंशा से नहीं, बल्कि फिजिकल एआई (Physical AI) और रोबोटिक्स सिस्टम को ट्रेन करने के लिए किया जा रहा था। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर 'घर की प्राइवेसी' और 'भरोसे' को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

निवेशकों की खुफिया रिपोर्ट से खुला 'एआई' का खेल

इस पूरे मामले का भंडाफोड़ इंटरनेट इकॉनमी को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म एंट्रैकर ने किया। एंट्रैकर ने प्रोंटो के निवेशक 'ग्लेड ब्रुक कैपिटल' के एक इंटरनल मेमो और दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट जारी की।

इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि प्रोंटो अपने घरेलू कामगारों (मेड, क्लीनर आदि) के जरिए असली दुनिया का डेटा (Real World Data) इकट्ठा कर रही है। कंपनी पहले से ही कुछ फिजिकल एआई लैब्स के साथ इस पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी और इस डेटा को कमर्शियल तौर पर बेचने की तैयारी में थी, ताकि भविष्य में घर का काम करने वाले रोबोट्स को ट्रेन किया जा सके।

विवाद पर प्रोंटो की सफाई: "यह फीचर डिफॉल्ट नहीं था"

चारों तरफ से घिरने के बाद प्रोंटो ने माना कि वह एआई डेटा जुटाने के लिए एक सीमित पायलट प्रोजेक्ट चला रही थी। कंपनी ने अपनी सफाई में निम्नलिखित तर्क दिए:

सहमति जरूरी थी: कंपनी का दावा है कि वीडियो रिकॉर्डिंग केवल उन्हीं घरों में की गई जहां ग्राहकों ने इसकी लिखित अनुमति दी थी। यह फीचर सभी के लिए डिफॉल्ट रूप से ऑन नहीं था।

छोटा कैमरा: काम करने वाले प्रोफेशनल्स के पास एक छोटा कैमरा होता था, जो केवल काम की दिशा (जैसे बर्तन धोते समय सिंक की तरफ या कपड़े तह करते समय) में ही रिकॉर्डिंग करता था।

ग्राहकों को फुटेज: कंपनी के मुताबिक, रिकॉर्ड की गई फुटेज बाद में ग्राहकों को भी भेजी जाती थी।

क्यों जरूरी थी रिकॉर्डिंग? प्रोंटो के अनुसार, भविष्य के घरेलू रोबोट्स और मशीनों को यह सिखाने के लिए कि इंसान असल माहौल में बर्तन कैसे धोते हैं, कपड़े कैसे तह करते हैं और झाड़ू-पोछा कैसे लगाते हैं, इस रियल-टाइम वीडियो डेटा की सख्त जरूरत थी।

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा: "घर सबसे निजी जगह है"

इस खुलासे के बाद इंटरनेट पर लोग प्रोंटो पर बुरी तरह भड़क गए हैं। लोगों का कहना है कि आमतौर पर ऐप्स यूज़र्स का ऑनलाइन डेटा या क्लिक्स ट्रैक करते हैं, लेकिन सीधे किसी के घर के भीतर कैमरा ले जाना प्राइवेसी का घोर उल्लंघन और भरोसे का कत्ल है।

हालांकि, प्रोंटो ने अब डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा है कि यह पायलट बेहद सीमित था और भविष्य में इसे आम ग्राहकों तक ले जाने की कोई योजना नहीं है।

प्रतिद्वंदी कंपनियों ने बनाई दूरी

इस विवाद के बीच होम हेल्प सेक्टर की दूसरी स्टार्टअप कंपनी 'स्नैबिट' (Snabit) के फाउंडर आयुष अग्रवाल ने तुरंत सोशल मीडिया पर बयान जारी कर खुद को इस विवाद से अलग कर लिया। उन्होंने साफ कहा कि उनकी कंपनी ने कभी भी ग्राहकों के घरों में किसी भी तरह की रिकॉर्डिंग नहीं की है और न ही भविष्य में उनका ऐसा कोई इरादा है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि एआई और आधुनिक तकनीक के इस दौर में हमारे घरों की प्राइवेसी कितनी सुरक्षित है।

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