उन्नाव (औरास)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर औरास थाना क्षेत्र में सुबह-सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। दिल्ली से बिहार जा रही एक तेज रफ्तार डबल डेकर स्लीपर बस के चालक को अचानक झपकी आ गई, जिसके कारण बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में बिहार पुलिस के एक दारोगा और एक कैदी समेत छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 32 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
सुबह का वक्त, गहरी नींद में थे यात्री
यह दर्दनाक हादसा सुबह लगभग छह बजे हुआ। उस वक्त बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। कई यात्री खिड़कियों के शीशे टूटने से सीधे उछलकर एक्सप्रेसवे के नीचे खंती में जा गिरे।
दिल्ली से कोर्ट में बयान कराकर लौट रहे थे दारोगा
मृतकों में बिहार प्रांत के सीवान जिले के दारोगा रामचंद्र भी शामिल हैं। वे एक कैदी छत्रपाल को बयान दर्ज कराने के लिए दिल्ली लेकर गए थे। दिल्ली की अदालत में अदालती कार्यवाही पूरी करने के बाद दोनों इसी स्लीपर बस से वापस बिहार लौट रहे थे, लेकिन मंजिल तक पहुँचने से पहले ही काल का ग्रास बन गए।
यूपीडा और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे के महज आठ मिनट बाद यूपीडा (UPEIDA) के बचावकर्मी मौके पर पहुँच गए। उन्होंने तुरंत स्थानीय औरास थाना पुलिस को सूचित किया और राहत कार्य शुरू किया। मौके पर पहुँची पुलिस ने बस के शीशे और केबिन को काटकर अंदर फंसे घायलों को एक-एक कर बाहर निकाला। सभी को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों का वक्तव्य: "हादसे की सूचना मिलते ही एएसपी शैलेंद्र लाल सहित कई उच्च अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। यूपीडा और पुलिस बल ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को हटाकर एक्सप्रेसवे पर यातायात को पूरी तरह सामान्य करा दिया है।"
पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है। एक्सप्रेसवे पर रफ्तार के बीच झपकी आने की यह जानलेवा लापरवाही एक बार फिर कई परिवारों पर कहर बनकर टूटी है।