शादी में अनोखा रिटर्न गिफ्ट! दूल्हे के परिवार ने पूरे गांव के 3,465 किसानों को दिया ₹33.6 करोड़ का दुर्घटना बीमा

मराठवाड़ा के बहादुरपुरा गांव में जश्न बदला सामाजिक सुरक्षा में; सांप के काटने और खेती की दुर्घटनाओं से जूझते ग्रामीणों को मिला ₹1-1 लाख का मुफ्त सुरक्षा कवच।

26 May 2026  |  101

 

 

नांदेड़ (कंधार)। शादियों में मेहमानों को मिठाई, बर्तन या महंगे तोहफे देने की परंपरा तो पुरानी है, लेकिन महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में एक ऐसा अनूठा विवाह समारोह संपन्न हुआ है जिसने सामाजिक सरोकार की एक नई मिसाल पेश की है। यहाँ कंधार तालुका के बहादुरपुरा गांव में दूल्हे और उसके परिवार ने रिटर्न गिफ्ट के रूप में गांव के सभी 3,465 निवासियों को कुल 33.6 करोड़ रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा (Group Accident Insurance) उपहार में देकर सबको चौंका दिया। इस नेक पहल के बाद शादी का यह जश्न पूरे इलाके के लिए एक सुरक्षा उत्सव में बदल गया।

हर ग्रामीण को मिला ₹1 लाख का सुरक्षा कवच

कंधार तालुका का बहादुरपुरा गांव (नांदेड़ से लगभग 55 किमी दूर) एक ऐसा ग्रामीण इलाका है, जहाँ सांप के काटने, आसमानी बिजली गिरने और खेती-बाड़ी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं के कारण अक्सर गरीब परिवार बिखर जाते हैं। जागरूकता और पैसों की कमी के कारण यहाँ ज्यादातर लोगों के पास कोई बीमा नहीं था। इसी को देखते हुए दूल्हे सिद्धेश्वर पेठकर और उनके परिवार ने गांव के हर पात्र निवासी को 1-1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर गिफ्ट करने का फैसला किया।

बिना किसी भेदभाव और कागजी कार्रवाई के मिली पॉलिसी

ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए पेठकर परिवार ने बेहद सुगम रास्ता चुना:

ग्रुप पॉलिसी की खरीद: परिवार ने स्थानीय ग्राम पंचायत के नाम पर एक 'ग्रुप एक्सीडेंट पॉलिसी' (Group Accident Policy) खरीदी।

वोटर लिस्ट का इस्तेमाल: इसके लिए बीमा कंपनी को सीधे गांव के मतदाताओं की सूची सौंप दी गई।

इससे गांव का हर पात्र नागरिक बिना किसी फॉर्म भरने या कागजी झंझट के सीधे इस सुरक्षा घेरे में आ गया। यह पॉलिसी फिलहाल एक वर्ष के लिए वैध रहेगी, और परिवार ने इसके भविष्य में नवीनीकरण (Renewal) के भी संकेत दिए हैं।

"शादी सिर्फ यादें नहीं, सुरक्षा भी छोड़ जाए"

इस अनूठी सोच के पीछे छिपी भावना को व्यक्त करते हुए दूल्हे सिद्धेश्वर पेठकर ने कहा, "हमारी संस्कृति में दान का ढिंढोरा नहीं पीटा जाता। हमें किसी तालियों की चाह नहीं है, हमारे लिए पूरे गांव का आशीर्वाद ही काफी है।"

वहीं उनके बड़े भाई अनूप पेठकर ने बताया, "हम चाहते थे कि हमारी निजी खुशी घर की सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे समाज तक पहुँचे। नांदेड़ के ग्रामीण इलाकों में हादसों में होने वाली मौतें बहुत आम हैं। हम चाहते थे कि यह शादी अपने पीछे सिर्फ खूबसूरत यादें ही नहीं, बल्कि एक ठोस सुरक्षा भी छोड़ जाए।"

भावुक हुए ग्रामीण: "ऐसा शगुन पहले कभी नहीं देखा"

4,500 मेहमानों की मौजूदगी में हुए इस भव्य विवाह समारोह में जब इस तोहफे का एलान हुआ, तो ग्रामीणों की आँखें भर आईं।

गांव के लोगों की प्रतिक्रिया:

सरपंच बलिराम पेठकर: "हमारे क्षेत्र के इतिहास में यह शायद पहली घटना है। शादियों में लोग मिठाइयां और महंगे तोहफे बांटते हैं, लेकिन यहाँ एक परिवार ने पूरे गांव को सुरक्षा सौंप दी है।"

मोहन शेकापुरे (स्थानीय निवासी): "ऐसा लगा मानो पूरे बहादुरपुरा गांव को शगुन के तौर पर एक अदृश्य सुरक्षा कवच मिल गया हो। हम सबने अपनी जिंदगी में ऐसा तोहफा पहले कभी नहीं देखा था।"

पेठकर परिवार की इस अनूठी और संवेदनशील पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो निजी खुशियों के अवसरों को भी पूरे समाज के कल्याण का जरिया बनाया जा सकता है।

अन्य खबरें