कनाडा में 'फॉर ब्रदर्स' गैंग का पर्दाफाश: पंजाब के 17 युवक गिरफ्तार, अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI की मदद से भंडाफोड़

कनाडा-अमेरिका के दक्षिण एशियाई कारोबारियों से करते थे करोड़ों की रंगदारी; मना करने पर बरसाईं 324 राउंड गोलियां, 6 आरोपी होंगे डिपोर्ट।

26 May 2026  |  56

 

 

ओंटारियो (कनाडा)। कनाडा में दक्षिण एशियाई, विशेषकर भारतीय और पंजाबी मूल के कारोबारियों को डरा-धमकाकर जबरन वसूली (उगाही) करने वाले एक बेहद खतरनाक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पील रीजनल पुलिस (Peel Regional Police) ने 'फॉर ब्रदर्स' (For Brothers) नामक इस सिंडिकेट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के रहने वाले 17 युवाओं को गिरफ्तार किया है। इस गैंग के तार कनाडा के विभिन्न प्रांतों से लेकर अमेरिका के कैलिफोर्निया तक फैले हुए हैं।

क्या था गैंग का 'मॉडस ऑपेरेंडी' (काम करने का तरीका)?

पुलिस जांच के मुताबिक, यह संगठित गैंग ब्रैम्पटन, मिसिसॉगा, कैलेडॉन और ब्रिटिश कोलंबिया जैसे भारतीय बहुल इलाकों में सक्रिय था।

सॉफ्ट टारगेट: गैंग के निशाने पर मुख्य रूप से स्थानीय रेस्टोरेंट मालिक, ट्रकिंग कंपनियां और छोटे दक्षिण एशियाई कारोबारी होते थे।

धमकी का तरीका: इन्हें फोन कॉल, सोशल मीडिया और मैसेंजर ऐप्स के जरिए धमकियां देकर मोटी रकम (रंगदारी) मांगी जाती थी।

मना करने पर आतंक: यदि कोई कारोबारी पैसे देने से इनकार करता था, तो गैंग के शूटर लोगों में खौफ पैदा करने के लिए उनके घरों और दुकानों पर सरेआम फायरिंग और आगजनी (Arson) करते थे।

कैलेडॉन से ब्रैम्पटन तक तांडव: चलाईं 324 राउंड गोलियां

इस गैंग के हिंसक रवैये का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन्होंने एक वारदात के दौरान पहले कैलेडॉन स्थित एक घर में फायरिंग और आगजनी की, और उसके ठीक कुछ मिनट बाद ब्रैम्पटन में एक बिजनेस प्रतिष्ठान को गोलियों से भून दिया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 17 आरोपी कुल 24 बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं। इनमें से 16 हिंसक वारदातें सीधे 'फॉर ब्रदर्स' नेटवर्क से जुड़ी हैं, जिनमें अलग-अलग जगहों पर कुल 324 राउंड गोलियां बरसाई गई थीं।

FBI और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का 'जॉइंट ऑपरेशन'

कनाडा में बढ़ रहे इस आतंक को खत्म करने के लिए दिसंबर 2025 में एक विशेष 'जॉइंट फोर्स ऑपरेशन' का गठन किया गया था। इस महा-अभियान में पील पुलिस के साथ ओंटारियो प्रोविंसियल पुलिस, कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA), कनाडा की वित्तीय खुफिया एजेंसी FINTRAC और अमेरिकी जांच एजेंसी FBI भी शामिल हुई।

लंबी निगरानी के बाद, अप्रैल 2026 में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर 17 आरोपियों को दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची:

पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार गिरफ्तार लोगों में इकबाल सिंह भगरिया, रविंदर सिंह, आकाशदीप सिंह, दिलावरप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, जशनबीर सिंह, प्रभदीप सोहल, अजयदीप सिंह, प्रतापबीर घुमन, नवरोप सिंह, राजन सिंह, अमृतजोत सिंह, जशनप्रीत सिंह, गुनित गुनित, सुखविंदर सिंह, मोहिंदर सिंह और कैलिफोर्निया (अमेरिका) का निवासी गौतम गौतम शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ कुल 106 आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

हथियार-फर्जी आईडी बरामद, 6 आरोपियों को देश से निकालने की तैयारी

पुलिस ने छापेमारी के दौरान 6 अत्याधुनिक हथियार, अवैध ड्रग्स, बड़ी संख्या में मोबाइल, सिम कार्ड और फर्जी पहचान पत्र (Fake IDs) बरामद किए हैं।

कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से 6 के खिलाफ इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उन्हें जल्द ही कनाडा से डिपोर्ट (देश निकाला) किया जा सकता है। एजेंसी के अनुसार, मई 2026 तक संगठित अपराध में शामिल 118 लोगों के खिलाफ निष्कासन आदेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 55 को निकाला भी जा चुका है।

अधिकारियों का बयान: जारी रहेगी कार्रवाई

पील पुलिस के चीफ निशान दुरईअप्पा (Nishanduraiappah) ने इस कामयाबी पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक और सुरक्षा सहयोग के चलते ही इस बड़े सिंडिकेट को तोड़ा जा सका है। वहीं, कनाडाई अधिकारी एरिन ओ'गोर्मन ने साफ किया कि कनाडा की धरती का इस्तेमाल अपराध के लिए करने वाले विदेशी नागरिकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।

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