वॉशिंगटन/ पार भी सुरक्षित नहीं भारतीय; ग्राहक बनकर आए नकाबपोश ने चंद सेअहमदाबाद: विदेशों में रह रहे भारतीयों, विशेषकर गुजराती समुदाय की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। अमेरिका के एक स्टोर में लूट के इरादे से घुसे एक अज्ञात नकाबपोश हमलावर ने उत्तरी गुजरात के मेहसाणा जिले की रहने वाली मेघना पटेल (35) की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी। दिल दहला देने वाली यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। इस घटना के बाद से न केवल अमेरिका में रहने वाले प्रवासियों, बल्कि भारत में उनके परिवारों में भी डर और चिंता का माहौल है।
ग्राहक बनकर आया था काल
मूल रूप से मेहसाणा जिले की विजापुर तालुका के जंत्राल गांव की निवासी मेघना पटेल पिछले 10 वर्षों से अमेरिका में रह रही थीं और वहां एक स्टोर में काम करती थीं। रोजाना की तरह मेघना काउंटर पर तैनात थीं, तभी एक अज्ञात शख्स ग्राहक के भेष में स्टोर के भीतर दाखिल हुआ।
सीसीटीवी फुटेज का खौफनाक सच:
फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आया था। उसने ट्रैकसूट, जैकेट, हाथों में दस्ताने, चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी पहन रखी थी, जिससे उसकी सिर्फ आंखें दिखाई दे रही थीं। उसने पहचान छिपाने का पूरा इंतजाम किया हुआ था।
बातचीत के चंद सेकेंड और अंधाधुंध फायरिंग
हमलावर काउंटर के पास पहुंचा और उसने मेघना पटेल से कुछ सेकेंड तक सामान्य बातचीत की। इससे पहले कि मेघना कुछ समझ पातीं, उसने अचानक बंदूक निकाली और उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। गोलियां मारने के बाद हमलावर ने काउंटर की मेज से कुछ कीमती सामान और नकदी समेटी और पलक झपकते ही वहां से फरार हो गया। इस भीषण और अचानक हुए हमले में गंभीर रूप से घायल मेघना पटेल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही मेघना के पैतृक गांव जंत्राल और अमेरिका में रह रहे गुजराती समुदाय तक पहुंची, हर तरफ शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। पिछले कुछ समय में विदेशों में भारतीय मूल के नागरिकों, खासकर स्टोर और गैस स्टेशनों पर काम करने वाले प्रवासियों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।
इस घटना ने एक बार फिर विदेशी धरती पर प्रवासियों की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारे की सरगर्मी से तलाश कर रही है, वहीं पीड़ित परिवार और प्रवासी संगठन न्याय के साथ-साथ कड़े सुरक्षा कदमों की मांग कर रहे हैं।