शौर्य को सलाम: 'माइनस 45 से प्लस 45 डिग्री तक, हर मौसम में फौलाद बनकर डटे हैं हमारे जवान' – अमित शाह

1965 के युद्ध में सांचू पोस्ट से पीठ दिखाकर भागा था पाकिस्तान, सीमा प्रहरियों के हौसले और सर्वोच्च बलिदान पर देश को गर्व।

26 May 2026  |  49

 

 

बीकानेर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित 'सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट' का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जांबाज जवानों से सीधा संवाद किया और उनके अदम्य साहस व राष्ट्रभक्ति की जमकर सराहना की। गृह मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरहद पार से पैदा होने वाले हर खतरे पर भारत की पैनी नजर है और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

हर मौसम और हर परिस्थिति में देश का अभेद्य कवच है BSF

जवानों का हौसला बढ़ाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "जब से बीएसएफ की स्थापना हुई है, इन सीमा प्रहरियों ने न कभी चिलचिलाती धूप देखी और न ही हाड़ कंपाने वाली ठंड। माइनस 45 डिग्री की जमा देने वाली बर्फबारी हो या फिर प्लस 45 डिग्री की झुलसा देने वाली गर्मी, हमारे जवानों ने हमेशा फौलाद बनकर भारत की सीमाओं की रक्षा की है।" उन्होंने आगे कहा कि देश की सुरक्षा का जो गौरवशाली दायित्व इन जवानों को सौंपा गया है, उसे उन्होंने वीरता, अटूट साहस और सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ बखूबी निभाया है।

'ऑपरेशन सिंदूर' और 1965 के युद्ध का जिक्र: जब पाक को चखनी पड़ी थी धूल

अमित शाह ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए कहा कि सांचू पोस्ट का शौर्य ऐतिहासिक है। 1965 के युद्ध के समय इसी सांचू बॉर्डर से पाकिस्तान की सेना पीठ दिखाकर भागी थी। इसके साथ ही उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा:

"ऑपरेशन सिंदूर के दौरान BSF के जवानों का प्रदर्शन अनुकरणीय रहा। जहां भी हमारे जवानों ने मोर्चा संभाला, वे न केवल अपनी जगह पर अंगद के पैर की तरह डटे रहे, बल्कि सीमावर्ती जिलों के नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का भाव भी जगाया। जहां भी जरूरत पड़ी, हमारे वीर प्रहरियों ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया।"

अवैध गतिविधियों पर कड़ाई और भविष्य की चुनौतियाँ

सुरक्षा रणनीतियों पर बात करते हुए गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने BSF का कार्यक्षेत्र इसीलिए बढ़ाया है ताकि सीमा पार से होने वाली हर संदिग्ध और अवैध गतिविधि पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि देशवासी अपने घरों में चैन की नींद इसलिए सोते हैं क्योंकि सीमा पर हमारे सजग प्रहरी जाग रहे हैं। पूरा देश इन जवानों का सदैव ऋणी रहेगा।

अपने संबोधन के समापन पर अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस शौर्यगाथा से जागरूक करना होगा, ताकि राष्ट्रभक्ति की यह मशाल हमेशा जलती रहे।

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