अडानी ग्रुप का महाधमाका: गुजरात के खावड़ा में शुरू हुआ चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा 'बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट'

अडानी ग्रीन ने हासिल की 3.37 गीगावाट घंटा (GWh) की विशाल क्षमता, महज 10 महीनों में बनकर तैयार; 10 लाख घरों को मिलेगी 24 घंटे निर्बाध 'क्लीन एनर्जी'।

26 May 2026  |  74

 

 

अहमदाबाद/खावड़ा। भारत के रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) सेक्टर में अडानी ग्रुप ने एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कामयाबी हासिल की है। अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने मंगलवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि उसने गुजरात के खावड़ा में अपनी 'बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली' (BESS) की कुल परिचालन क्षमता को बढ़ाकर 3.37 गीगावाट घंटा (GWh) कर दिया है। चीन की सीमाओं के बाहर, पूरी दुनिया में एक ही स्थान पर स्थापित यह सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट बन गया है, जो भारत के ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) में गेम-चेंजर साबित होगा।

महज 10 महीनों में निर्माण: वैश्विक स्तर पर सबसे तेज काम

अडानी ग्रीन के मुताबिक, इस महापरियोजना की सबसे खास बात इसकी रफ्तार रही है। ऑन-साइट निर्माण कार्य शुरू होने के रिकॉर्ड 10 महीनों के भीतर इसे पूरा कर लिया गया, जो इसे वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से लागू होने वाली उपयोगिता-पैमाने (Utility-Scale) की परियोजनाओं में शामिल करता है। इस विस्तार के तहत कंपनी ने मार्च 2026 में 1.37 गीगावाट घंटा क्षमता जोड़ी थी, जिसके बाद अब तीन विशेष प्रयोजन वाहनों (SPVs) और एक 50 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के जरिए अतिरिक्त क्षमता जोड़कर कुल आंकड़ा 3.37 गीगावाट घंटा तक पहुँचा दिया गया है।

कितना शक्तिशाली है यह प्रोजेक्ट?

इस विशालकाय पावर बैंक की ताकत का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यह ग्रिड की विश्वसनीयता को मजबूत करने के साथ-साथ पीक-ऑवर्स (बिजली की सबसे ज्यादा मांग वाले समय) में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा:

10 लाख घर रोशन: यह 3.37 GWh की क्षमता लगभग 10 लाख घरों को पूरे एक दिन (24 घंटे) तक लगातार स्वच्छ ऊर्जा दे सकती है।

छोटे राज्यों के बराबर क्षमता: यह परियोजना इंदौर, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों या गोवा जैसे पूरे राज्य की पीक-ऑवर बिजली मांग को अकेले संभालने में सक्षम है।

1.2 करोड़ LED बल्ब: इस स्टोरेज के दम पर 1.2 करोड़ से अधिक एलईडी बल्बों को लगातार 10 घंटे तक जलाया जा सकता है।

भविष्य का मेगा प्लान: 50 गीगावाट घंटा का लक्ष्य

खावड़ा में अडानी ग्रीन कुल 30 गीगावाट का दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित कर रही है, जिसमें से 9.9 गीगावाट क्षमता को पहले ही चालू किया जा चुका है।

कंपनी के भविष्य के रोडमैप को लेकर एजीईएल के कार्यकारी निदेशक सागर अडानी ने कहा:

"भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव के अगले चरण में बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) सबसे अहम भूमिका निभाएगा। जैसे-जैसे नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तेजी से बढ़ेगी, 24 घंटे विश्वसनीय बिजली आपूर्ति के लिए ऐसा मजबूत बुनियादी ढांचा जरूरी हो जाता है। हमारा लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 गीगावाट घंटा से अधिक की क्षमता जोड़ना और अगले 5 वर्षों में इसे 50 गीगावाट घंटा तक पहुँचाना है।"

देश के 12 राज्यों में फैला नेटवर्क

इस नए प्रोजेक्ट के लाइव होने के साथ ही अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का कुल परिचालन पोर्टफोलियो बढ़कर 19.7 गीगावाट (GW) हो गया है, जो देश का सबसे बड़ा और मजबूत रिन्यूएबल नेटवर्क है। वर्तमान में कंपनी का यह नेटवर्क सौर, पवन और हाइब्रिड ग्रिड परियोजनाओं के साथ भारत के 12 राज्यों में पूरी मजबूती से देश को आत्मनिर्भर और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा देने का काम कर रहा है।

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