नई दिल्ली। कर्नाटक कांग्रेस में ढाई साल के कार्यकाल के बाद मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार को हुई एक हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद कर्नाटक की सियासत में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी आलाकमान ने कर्नाटक की राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) सीटों पर चर्चा पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ गहन मंथन किया।
इस बैठक के बाद सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला के कहने पर राहुल गांधी ने दोनों ही दिग्गज नेताओं से बंद कमरे में अलग-अलग बातचीत की। सूत्रों की मानें तो कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने का अंतिम फैसला अब पूरी तरह राहुल गांधी के हाथों में है।
सिद्धारमैया को मनाने के लिए कांग्रेस का 'मेगा प्लान'
सिद्धारमैया कर्नाटक के एक कद्दावर जननेता हैं और उन्हें अधिकांश विधायकों का मजबूत समर्थन हासिल है। ऐसे में पार्टी उनकी इच्छा के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाना चाहती। यही वजह है कि राहुल गांधी को उन्हें सम्मानजनक तरीके से मनाने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सूत्रों के हवाले से बड़ा ऑफर:
यदि सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं, तो पार्टी उन्हें केंद्र की राजनीति में एक बड़ी और मुख्य भूमिका दे सकती है। इसके तहत उन्हें राज्यसभा सीट दी जा सकती है। इसके साथ ही, राज्य में उनके बेटे को कर्नाटक कैबिनेट में शामिल कर मनचाहा हाई-प्रोफाइल विभाग सौंपने का बड़ा विकल्प भी खुला रखा गया है।
ढाई साल का वक्त पूरा, विकल्प हमेशा खुला
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राज्य में मुख्यमंत्री बदलने का समय आ चुका है। तय फॉर्मूले के मुताबिक ढाई साल से भी 6 महीने ज्यादा का वक्त बीत चुका है।
तुरंत फैसले का दबाव: यदि सिद्धारमैया इस नए फॉर्मूले के लिए सहमत होते हैं, तो उन्हें आलाकमान को तुरंत अपनी पसंद बतानी होगी। अगर वह राज्यसभा जाना चाहते हैं, तो यह फैसला अगले कुछ दिनों में ही लेना होगा, अन्यथा इस बदलाव को आगामी चुनावों तक के लिए टाला भी जा सकता है।
बातचीत का अगला दौर जल्द: फिलहाल इस बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है, लेकिन राहुल गांधी अगले कुछ दिनों में सिद्धारमैया से दोबारा (संभवतः टेलीफोन पर) बात करेंगे।
डीके शिवकुमार की उम्मीदें और खड़गे की राज्यसभा सीट
इस पूरी सियासी हलचल के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की निगाहें राहुल गांधी के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यदि राहुल गांधी सिद्धारमैया को मनाने में सफल रहते हैं, तो डीके शिवकुमार की लॉटरी लग सकती है और वह कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
इसके अलावा, इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के राज्यसभा आने और बाकी दो सीटों के नामों पर भी चर्चा पूरी कर ली गई है। अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी अपने इस 'मिशन कर्नाटक' में सिद्धारमैया को मनाकर डीके शिवकुमार की ताजपोशी का रास्ता साफ करते हैं या कर्नाटक की सियासत में सस्पेंस बरकरार रहता है।