यूरोप में आसमान से बरसी आग: फ्रांस में हीटवेव से 7 की मौत, ब्रिटेन में टूटा 100 साल का रिकॉर्ड

यूरोप पर बना 'हीट डोम' का खतरनाक शिकंजा; लंदन में 34.8°C तापमान के साथ रातें भी हुईं गर्म, एक्सपर्ट्स ने कहा— "क्लाइमेट चेंज का नतीजा।"

27 May 2026  |  92

 

 

पेरिस / लंदन। आमतौर पर ठंडे मौसम के लिए जाने जाने वाले यूरोपीय देशों में इस समय भारत जैसी भीषण और जानलेवा गर्मी पड़ रही है। पूरा यूरोप इस समय एक खतरनाक हीटवेव (लू) और भीषण गर्मी की चपेट में है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि फ्रांस में गर्मी जनित हादसों और हीटस्ट्रोक के कारण कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं ब्रिटेन में पारे ने 100 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यूरोप के ऊपर इस समय 'हीट डोम' (Heat Dome) बना हुआ है, जो एक बर्तन के ढक्कन की तरह गर्म हवा को जमीन के पास ही रोक रहा है। जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण यह स्थिति और ज्यादा भयावह हो गई है।

फ्रांस में हाहाकार: रेस के दौरान धावक की मौत, कई खेल इवेंट रद्द

फ्रांस में गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। फ्रांस की जूनियर ऊर्जा मंत्री मौड ब्रेगॉन और खेल मंत्री मरिना फेरारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

दौड़ते समय आया हार्ट अटैक: पेरिस में रेस के दौरान एक 53 वर्षीय धावक की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इसके अलावा ल्योन शहर में एक महिला ने हीटस्ट्रोक के कारण दम तोड़ दिया।

डूबने से 5 मौतें: चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए झील, नदी या समुद्र किनारे गए 5 लोगों की डूबने से मौत हो गई।

इवेंट्स रद्द और ऑरेंज अलर्ट: फ्रांस की मौसम एजेंसी ने इस मई महीने को इतिहास का सबसे गर्म मई रिकॉर्ड किया है। पेरिस और ब्रिटनी समेत कई इलाकों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी है और तापमान 36°C तक पहुंचने के अनुमान के बीच कई खेल प्रतियोगिताएं रद्द कर दी गई हैं।

लंदन में टूटा सदी का रिकॉर्ड, रात में भी राहत नहीं

ब्रिटेन (यूके) में भी गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लंदन के ऐतिहासिक 'केव गार्डन' (Kew Gardens) में तापमान 34.8°C दर्ज किया गया, जो मई महीने के पुराने रिकॉर्ड से पूरे 2°C ज्यादा है।

ब्रिटेन ने 24 घंटे के भीतर लगातार दूसरी बार मई का सबसे गर्म दिन दर्ज किया है। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि लंदन में 'ट्रॉपिकल नाइट' (Tropical Night) रिकॉर्ड की गई, जिसका मतलब है कि रात का तापमान भी 20°C से नीचे नहीं गिरा। यूरोप में अमूमन रातें ठंडी होती हैं, लेकिन इस बार लोगों को चौबीसों घंटे भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

क्या होता है 'हीट डोम' और क्यों बढ़ रही है आफत?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यूरोप में इस अभूतपूर्व गर्मी की मुख्य वजह 'हीट डोम' है। यह एक हाई-प्रेशर सिस्टम होता है जो गर्म हवा को ऊपर उठने नहीं देता और उसे नीचे ही दबाकर रखता है, जिससे तापमान लगातार बढ़ता जाता है।

मौसम विशेषज्ञों का साफ कहना है कि इंसानी गतिविधियों के कारण हो रहा जलवायु परिवर्तन (Global Warming) ही इस विनाशकारी मौसम के पीछे का असली जिम्मेदार है। इसी वजह से अब हीटवेव पहले की तुलना में अधिक तीव्र, अधिक खतरनाक और लंबे समय तक टिकने वाली हो गई हैं, जो हर साल गर्मी के नए और डरावने रिकॉर्ड बना रही हैं।

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