प्रचंड 'नौतपा' के बीच पीएम मोदी की देशवासियों से भावुक अपील: "खुद भी पानी पीएं, प्यासों को भी पिलाएं; यह नेकी बहुत बड़ी है"

25 जून से आसमान से बरस रही आग; प्रधानमंत्री ने बुजुर्गों, बच्चों की सेहत और बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए जताई चिंता।

27 May 2026  |  92

 

 

नई दिल्ली। देशभर में 25 जून से 'नौतपा' की शुरुआत हो चुकी है, जिसके साथ ही उत्तर और मध्य भारत सहित कई राज्यों में भीषण गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही चलने वाली तीखी धूप और जानलेवा लू (गर्म हवाओं) के कारण पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के इस दौर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अत्यधिक सावधानी बरतने और संवेदनशील रहने की एक बेहद भावुक अपील की है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा कर नागरिकों को हाइड्रेटेड रहने और एक-दूसरे की मदद करने का संदेश दिया है।

लक्षणों को न करें नजरअंदाज, अपनों का रखें ख्याल

प्रधानमंत्री मोदी ने भीषण गर्मी के इस दौर में समाज के संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा:

"बच्चे, बुजुर्ग और धूप में बाहर काम करने वाले मजदूर व कर्मचारी इस प्रचंड गर्मी में सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं। गर्मी से होने वाली थकावट या डिहाइड्रेशन के लक्षणों को हल्के में लेना या नजरअंदाज करना बेहद खतरनाक हो सकता है।"

पीएम मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल जानें। उन्हें दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर आराम करने की सलाह दें।

"एक गिलास पानी भी बनेगा बड़ा सहारा"

प्रधानमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में देशवासियों को संवेदनशीलता और नेकी का रास्ता दिखाते हुए कहा कि दैनिक जीवन में आ रही इन कठिनाइयों को हम आपसी सहयोग से कम कर सकते हैं।

राहगीरों के लिए मटके: पीएम मोदी ने उन नागरिकों और दुकानदारों की दिल से सराहना की, जो इस मौसम में अपने घरों या दुकानों के बाहर पानी के मटके (प्याऊ) रखते हैं।

संवेदनशीलता का संदेश: उन्होंने कहा, "इस मौसम में आपकी संवेदनशीलता ही दूसरों का सबसे बड़ा सहारा है। जब भी घर से बाहर निकलें, पानी की बोतल साथ रखें और यदि संभव हो, तो किसी भी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी जरूर पिलाएं।"

बेजुबान पक्षियों के लिए 'जीवनदान' की अपील

इंसानों के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने इस तपती गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों का दर्द भी साझा किया। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए लिखा कि इस प्रचंड गर्मी में हमें अपने आसपास के मूक प्राणियों को नहीं भूलना चाहिए। अपने घर की बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा सा बर्तन (परिंडा) जरूर रखें। आपका यह छोटा सा प्रयास किसी प्यासे पक्षी के लिए इस तपते मौसम में जीवनदान साबित हो सकता है।

नौतपा ने बढ़ाई मुश्किलें

गौरतलब है कि 25 जून से शुरू हुए नौतपा (जून के वे 9 दिन जब सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है और गर्मी चरम पर होती है) ने पूरे देश को तपाना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ते पारे के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। ऐसे में मौसम विभाग और प्रधानमंत्री दोनों ने ही लोगों को बेवजह धूप में न निकलने की हिदायत दी है।

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