HDFC बैंक ने 45 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को नकारा; शेयर बाजार में झटका, 2% से ज्यादा लुढ़का भाव

महाराष्ट्र सड़क विकास निगम (MSRDC) के फंड से जुड़ा है मामला; बैंक बोला— 'चुनिंदा तथ्यों' के आधार पर कयासबाजी, मजबूत है हमारा इंटरनल सिस्टम!

27 May 2026  |  50

 

 

 

मुंबई/नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें बैंक के भीतर 45 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का दावा किया गया था। बैंक प्रबंधन ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि गड़बड़ी को लेकर लगाए जा रहे कयास पूरी तरह निराधार और केवल 'चुनिंदा तथ्यों' पर आधारित हैं।

हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बावजूद शेयर बाजार में निवेशकों की चिंता साफ देखी गई। बुधवार (27 मई) को भारी बिकवाली के कारण एचडीएफसी बैंक के शेयर 2.60% से अधिक टूटकर 759 रुपये (HDFC Bank Share Price) के स्तर पर बंद हुए।

क्या है 45 करोड़ का पूरा विवाद?

यह पूरा विवाद एक लीक हुई रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एचडीएफसी बैंक की 'ऑडिट कमेटी ऑफ द बोर्ड' (ACB) ने 12 मार्च को एक गंभीर आंतरिक सतर्कता जांच (Internal Vigilance Inquiry) के आदेश दिए हैं।

आरोपों का मुख्य बिंदु:

फंड का डायवर्जन: यह मामला वित्त वर्ष 2024 और 2025 के दौरान महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) को किए गए 45 करोड़ रुपये के भुगतान से जुड़ा है।

ब्याज दरों का खेल: कथित तौर पर यह धनराशि एमएसआरडीसी द्वारा बैंक में जमा की गई रकम पर मिलने वाली अलग-अलग ब्याज दरों से संबंधित थी।

मार्केटिंग रूट का इस्तेमाल: आरोप है कि राज्य सरकार की इस एजेंसी (MSRDC) को ब्याज का पैसा सीधे देने के बजाय, इसे बैंक के मार्केटिंग डिपार्टमेंट के माध्यम से रूट किया गया। इसे चार स्थानीय वेंडर्स के जरिए 'सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान' में योगदान के रूप में दिखाया गया।

शीर्ष प्रबंधन पर सवाल: रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन की मौजूदगी में वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर इस वित्तीय व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई थी।

HDFC बैंक की सफाई: "हमारा ऑडिट और कंट्रोल सिस्टम बेहद मजबूत"

रिपोर्ट के बाजार में आते ही एचडीएफसी बैंक ने त्वरित प्रतिक्रिया दी और अपने मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस का हवाला दिया।

बैंक के आधिकारिक प्रवक्ता ने बयान में कहा:

"हम चुनिंदा तथ्यों के आधार पर किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। एचडीएफसी बैंक बेहद मजबूत आंतरिक निरीक्षण, लेखापरीक्षा (Audit) और नियंत्रण प्रक्रियाओं का पालन करता है। बैंक के सभी मामलों को स्थापित मानदंडों के अनुसार ही निपटाया जाता है और किसी भी आंतरिक समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लेने से पहले पूरी पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है।"

बाजार में दिखा रिपोर्ट का निगेटिव असर

शेयर का नामगिरावट (प्रतिशत में)क्लोजिंग प्राइस (27 मई)
HDFC Bank Ltd.-2.60%₹759.00

 

स्पष्टीकरण के बावजूद, इस रिपोर्ट ने बैंकिंग सेक्टर और निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया। सुबह के सत्र में आरोपों की खबर आते ही शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिसके चलते शेयर 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर इस मामले में कोई नई आंतरिक रिपोर्ट सामने आती है, तो शेयर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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