गाजा में युद्धविराम के बीच इजरायल की नई रणनीति: पीएम नेतन्याहू का सेना को निर्देश—'गाजा के 70% हिस्से पर करें सैन्य नियंत्रण'

शर्तों के विपरीत बढ़ेगा इजरायली सेना का दायरा; हमास के साथ नाजुक मोड़ पर पहुंची शांति वार्ता। सीजफायर के बावजूद हमलों में अब तक 900 फलस्तीनियों की मौत, बकरीद पर भी बरसे बम।

29 May 2026  |  17

 

 

यरूशलम / गाजा सिटी: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पट्टी को लेकर एक बड़ा और आक्रामक सैन्य ऐलान किया है। पीएम नेतन्याहू ने इजरायली सेना को गाजा पट्टी के कम से कम 70 प्रतिशत हिस्से पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण हासिल करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। इजरायल का यह नया कदम पिछले साल अक्टूबर में हमास के साथ हुए युद्धविराम (सीजफायर) समझौते की शर्तों के बिल्कुल विपरीत माना जा रहा है।

जॉर्डन में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में इजरायली प्रधानमंत्री ने रणनीतिक बढ़त का दावा करते हुए कहा:

"हम वर्तमान में हमास पर लगातार दबाव बना रहे हैं। अब हम गाजा पट्टी के 60 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण रखते हैं। आप जानते हैं, पहले हम 50 प्रतिशत पर थे, फिर 60 प्रतिशत पर पहुंचे और अब मेरा निर्देश है कि हम इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक ले जाएं।"

इसी सम्मेलन के दौरान जब एक उपस्थित व्यक्ति ने चिल्लाकर मांग की कि इजरायल को गाजा के पूरे 100 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा कर लेना चाहिए, तो नेतन्याहू ने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया, "हम बेहद क्रमबद्ध (चरणबद्ध) तरीके से आगे बढ़ेंगे। फिलहाल पहले 70 प्रतिशत हिस्से से शुरुआत करेंगे।"

नाजुक दौर में युद्धविराम: एक तरफ अप्रत्यक्ष वार्ता, दूसरी तरफ मौत का तांडव

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के अगले चरण को लेकर मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है।

वार्ता के मुख्य बिंदु: इस बातचीत में हमास द्वारा पूरी तरह से हथियार छोड़ना और गाजा पट्टी से इजरायली सैनिकों की वापसी जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं।

जमीनी हकीकत: कागजी समझौतों के बावजूद, इजरायल वर्तमान में गाजा के आधे से अधिक हिस्से को अपने नियंत्रण में रखे हुए है, जबकि हमास का अधिकार अब इस तटीय क्षेत्र के महज एक छोटे से हिस्से तक सिमट कर रह गया है।

युद्धविराम के बाद भी थमी नहीं बंदूकें: 900 फलस्तीनियों की मौत

गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, युद्धविराम लागू होने की घोषणा के बाद से अब तक इजरायली हमलों में लगभग 900 फलस्तीनी नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। महीनों तक चले भीषण युद्ध, ताबड़तोड़ हवाई हमलों और जमीनी सैन्य अभियानों के कारण गाजा पट्टी का एक बहुत बड़ा हिस्सा पहले ही पूरी तरह मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है।

बकरीद के त्योहार पर भी बरसे बम; मासूम बच्चों समेत 10 की मौत

गाजा में मानवीय संकट की भयावहता त्योहारों के दौरान भी कम नहीं हुई। गाजा शहर में बुधवार की रात, जब लोग बकरीद मना रहे थे, इजरायली सेना ने एक भीषण हवाई हमला किया। इस हमले में 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

हताहतों का विवरण: शिफा अस्पताल के प्रशासन के अनुसार, मृतकों में पांच मासूम बच्चे, एक बुजुर्ग और एक हमास का लड़ाका शामिल है। इसके अलावा 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

दिल दहलाने वाले दृश्य: घटनास्थल से सामने आए वीडियो फुटेज में एक बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल की खिड़की से आग की लपटें उठती दिखाई दे रही हैं, जबकि बदहवास स्थानीय लोग बच्चों और घायलों को मलबे से निकालकर एम्बुलेंस की तरफ ले भागते नजर आ रहे हैं।

नेतन्याहू के इस नए सैन्य आदेश के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है कि कहीं यह नाजुक युद्धविराम पूरी तरह टूट न जाए और क्षेत्र एक बार फिर भीषण रक्तपात की ओर न बढ़ जाए।

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