पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क पर NIA का बड़ा प्रहार: 4 राज्यों के 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, देश दहलाने की साजिश नाकाम

ड्रोन के जरिए मंगाए गए थे आईईडी (IED) और हथियार; पंजाब-दिल्ली में सिलसिलेवार धमाकों का था प्लान। सिरसा थाना ग्रेनेड हमले में भी 2 पाकिस्तानी हैंडलर्स समेत 9 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल।

29 May 2026  |  32

 

 

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सीमा पार (पाकिस्तान) से रची जा रही एक बेहद खतरनाक आतंकी साजिश और उनके भारतीय सहयोगियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने शुक्रवार सुबह देश के चार राज्यों में एक साथ 12 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से संचालित हो रहे हाइब्रिड आतंकी नेटवर्क और उनके मददगारों की कमर तोड़ना है।

एनआईए अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह देशव्यापी तलाशी अभियान निम्नलिखित राज्यों में चलाया गया:

उत्तर प्रदेश: 5 ठिकाने

महाराष्ट्र: 3 ठिकाने

राजस्थान: 2 ठिकाने

बिहार: 2 ठिकाने

जसवीर चौधरी: पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था मुख्य सूत्रधार

केंद्रीय जांच एजेंसी की शुरुआती जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस पूरे आतंकी नेटवर्क और साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड पाकिस्तान में बैठा एक ऑपरेटर है, जिसकी पहचान जसवीर चौधरी के रूप में हुई है।

ड्रोन ड्रॉपिंग और धमाकों का प्लान: जसवीर चौधरी ने भारत में मौजूद अपने स्लीपर सेल्स और सहयोगियों के साथ मिलकर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन (Drone Drop) के जरिए भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और खतरनाक आईईडी (IED) जैसी विस्फोटक सामग्रियां मंगवाई थीं। इन हथियारों और बारूद का इस्तेमाल पंजाब, दिल्ली और देश के कई अन्य महानगरों में सिलसिलेवार बम धमाके करने के लिए किया जाना था, ताकि बड़े पैमाने पर तबाही मचाई जा सके।

सिरसा महिला थाना ग्रेनेड हमला: 2 पाकिस्तानी हैंडलर्स समेत 9 पर चार्जशीट

इसी कड़ी में, एनआईए ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हरियाणा के सिरसा में 25 नवंबर 2025 को हुए महिला पुलिस स्टेशन ग्रेनेड हमले के मामले में नौ (9) आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।

इस चार्जशीट में दो पाकिस्तानी हैंडलर्स—शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इन सभी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स से भर्ती और वीडियो बनाने का सनसनीखेज सच

एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, सिरसा थाने पर हुआ हमला पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी की एक बड़ी और सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमला कर सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ना और जनता में दहशत फैलाना था।

जांच के मुख्य बिंदु:

ऑनलाइन ब्रेनवॉश: जांच में पता चला है कि भारतीय युवाओं को सोशल मीडिया और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स (जैसे टेलीग्राम/सिग्नल) के जरिए कट्टरपंथी बनाकर इस आतंकी मॉड्यूल में भर्ती किया गया था।

धीरज था भारत का मुख्य गुर्गा: इस पूरे मॉड्यूल को भारत के भीतर संभालने का जिम्मा मुख्य आरोपी धीरज के पास था।

हमले का लाइव वीडियो: आरोपियों ने बाकायदा रेकी करने के बाद सिरसा महिला पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया और पंजाब से ग्रेनेड हासिल किया था। सनसनी फैलाने के लिए आरोपियों ने 25 नवंबर 2025 को किए गए ग्रेनेड हमले का मोबाइल फोन पर बकायदा वीडियो भी बनाया था ताकि उसे पाकिस्तान भेजा जा सके।

एनआईए ने साफ किया है कि इस नेटवर्क के कुछ फरार सदस्यों की तलाश और फंडिंग की अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच और छापेमारी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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