चंडीगढ़। पंजाब के नगर निगम और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान पूरी तरह से चुनावी तेवर में नजर आए। करीब डेढ़ घंटे तक चले अपने एक विस्तृत और आक्रामक संबोधन में मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी (AAP) की इस प्रचंड जीत को राज्य सरकार की नीतियों की कामयाबी बताया। उन्होंने कहा कि जनता ने मुफ्त बिजली, शानदार शिक्षा, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं (आम आदमी क्लीनिक) और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर अपनी "मजबूत मुहर" लगा दी है। सीएम मान ने साफ किया कि पंजाब के लोगों ने धर्म, जाति और डर की राजनीति को पूरी तरह नकारते हुए सिर्फ विकास और काम के नाम पर मतदान किया है।
विपक्षी दावों पर पलटवार: "अब सीधे 2027 के फाइनल की तैयारी"
मुख्यमंत्री ने राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा कि चुनावों से पहले इन नतीजों को 'क्वार्टर फाइनल' और 'सेमीफाइनल' कहा जा रहा था। लेकिन लगातार मिल रही जीतों ने यह साबित कर दिया है कि आम आदमी पार्टी सीधे 'फाइनल' में पहुंच चुकी है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, "अब सिर्फ 2027 के विधानसभा चुनाव की 'आखिरी लेयर' बाकी है, और वहां भी पार्टी पहले से कहीं बड़ी ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी।"
पंचायत से लेकर नगर निकाय तक 'आप' का एकतरफा दबदबा
चुनावी आंकड़ों का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 हजार गांवों में से 11 हजार से अधिक पंचायतों में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने परचम लहराया है। इसके बाद जालंधर लोकसभा उपचुनाव, चार विधानसभा उपचुनाव, जिला परिषद, ब्लॉक समिति और अब नगर निकाय चुनावों में भी जनता ने 'आप' के पक्ष में एकतरफा फैसला दिया है।
"राज्य की 90 प्रतिशत से ज्यादा नगर काउंसिल और नगर पंचायतों में आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की है। पार्टी अकेले 890 से अधिक सीटों पर विजय पताका फहरा चुकी है, और कई निर्दलीय उम्मीदवार भी लगातार हमारे साथ आ रहे हैं।" — भगवंत मान, मुख्यमंत्री (पंजाब)
सीएम ने रेखांकित किया कि मालवा, माझा और दोआबा— तीनों ही क्षेत्रों में किसानों, छोटे दुकानदारों, रेहड़ी वालों, व्यापारियों, युवाओं और मध्यम वर्ग ने सरकार के कामकाज पर अटूट भरोसा जताया है।
शांतिपूर्ण मतदान और विपक्ष के 'बहानों' पर कटाक्ष
पहले के दौर में होने वाली चुनावी हिंसा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, जो पंजाब के मजबूत होते लोकतंत्र का प्रतीक है। उन्होंने विपक्ष को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि हार मिलने के बाद कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल अपनी कमियां ढूंढने के बजाय बहाने तलाश रहे हैं। जहां ये जीतते हैं, वहां चुनाव सही होते हैं, और जहां हारते हैं, वहां ईवीएम, नामांकन और धांधली के आरोप मढ़ने लगते हैं।
पंजाबियों के स्वाभिमान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "पंजाब के लोग प्यार और सम्मान की राजनीति पसंद करते हैं, दबाव और डर की नहीं। पंजाबियों को प्यार से जीता जा सकता है, डराकर नहीं। जब भी उन पर दबाव बनाया जाता है, वे दोगुनी ताकत से वापसी करते हैं।"
2% वोटों पर सिमटी भाजपा, अकाली दल को नहीं मिले उम्मीदवार
मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि शहरी राजनीति की स्वघोषित 'बड़ी ताकत' इस चुनाव में महज 2 प्रतिशत वोटों पर सिमट कर रह गई है। कई स्थानों पर भाजपा पांचवें नंबर पर पहुंच गई और उसके 95 प्रतिशत (150 से अधिक) उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। वहीं अकाली दल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की पारंपरिक राजनीति अब खत्म हो चुकी है और अकाली दल को तो कई जगह पूरे उम्मीदवार तक नसीब नहीं हुए।
केंद्रीय एजेंसियों के दबाव और आंतरिक उथल-पुथल पर दो टूक
केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर तीखा हमला बोलते हुए सीएम मान ने आरोप लगाया कि 'आप' के मंत्रियों और नेताओं को बदनाम करने के लिए लगातार छापेमारी की गई। यहां तक कि हिंदू समुदाय से जुड़े व्यापारियों पर हमारे नेताओं के खिलाफ बयान देने का दबाव बनाया गया। उन्होंने विरोधियों को जवाब देते हुए शायराना अंदाज में कहा, "रात लंबी होने का मतलब यह नहीं कि सूरज मर गया। जब हमने कोई गलत काम किया ही नहीं, तो डरने का सवाल ही नहीं उठता।"
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं और आंतरिक कलह की खबरों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री ने एक बेहद सटीक उदाहरण दिया:
"झाड़ू जब सफाई करता है, तो कुछ कमजोर तिनके बाहर निकल जाते हैं, लेकिन झाड़ू सफाई करना बंद नहीं करता। आम आदमी पार्टी एक विचार और जनआंदोलन है, जिसे कुछ नेताओं के आने-जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता।"
बड़े चेहरों और रवनीत बिट्टू पर निशाना
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा और कहा कि चुनावी नतीजों ने कई बड़े नेताओं के अहंकार और दावों को हवा में उड़ा दिया है। पंजाब की जनता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे "गुंडागर्दी और आक्रामक राजनीति" को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। यह जीत किसी एक नेता की नहीं, बल्कि पंजाब के विकास, पारदर्शी नौकरियों और अमन-चैन की जीत है।