पुणे में 'जहरीली शराब' का तांडव: 7 लोगों की दर्दनाक मौत, मुख्य तस्कर वानखेड़े समेत 8 हिरासत में, सीएम ने दिए जांच के आदेश

पिंपरी-चिंचवड़ में मौत के बाद हडपसर तक फैला शराब का 'डेथ नेटवर्क'; शराब में मेथनॉल मिलाए जाने की आशंका, प्रशासन में हड़कंप।

29 May 2026  |  39

 

 

 

पुणे/पिंपरी-चिंचवड़। महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर जहरीली शराब (नकली शराब) पीने से सात लोगों की मौत हो गई है। इस सामूहिक मौतों के बाद पूरे पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवड़ प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और राज्य आबकारी विभाग ने संयुक्त रूप से एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाकर मुख्य शराब तस्कर योगेश वानखेड़े सहित कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया है।

इस बीच, पिछले 24 घंटों के भीतर पुणे के हडपसर इलाके में भी तीन अन्य लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। पुलिस को अंदेशा है कि इन मौतों का कनेक्शन भी इसी जहरीली शराब से है, जिसकी सघन जांच शुरू कर दी गई है।

फुगेवाड़ी इलाका बना त्रासदी का केंद्र, 3 की हालत गंभीर

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाड़ी इलाके में संदिग्ध शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

"फुगेवाड़ी में लगातार हुई मौतों के बाद हमने तुरंत तफ्तीश शुरू की। अब तक सात लोगों की मौत कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, तीन अन्य लोगों का अस्पताल में गंभीर स्थिति में इलाज चल रहा है। हालांकि, मौतों के सटीक तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए विसरा और केमिकल टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।" — संदीप अटोले, पुलिस उपायुक्त (जोन 1), पिंपरी-चिंचवड़

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश

इस दर्दनाक हादसे पर संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताया है और मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने इन मौतों की गहराई से जांच करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस अवैध और जानलेवा धंधे में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

हडपसर और फुगेवाड़ी दोनों जगह 'वानखेड़े' ने ही की थी सप्लाई

राज्य आबकारी विभाग के आयुक्त अतुल कनाडे ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि विभाग ने मौतों के तुरंत बाद एक्शन लिया। जांच में योगेश वानखेड़े नाम के एक बड़े शराब सप्लायर का नाम सामने आया, जिसे आबकारी विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि योगेश वानखेड़े ने ही फुगेवाड़ी और पुणे के हडपसर— दोनों अलग-अलग ठिकानों पर जहरीली शराब की खेप सप्लाई की थी। आबकारी विभाग ने मुख्य आरोपी वानखेड़े को आगे की कानूनी कार्रवाई और कड़ाई से पूछताछ के लिए पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस को सौंप दिया है।

शराब में 'मेथनॉल' का जानलेवा कॉकटेल!

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि आरोपियों ने ज्यादा मुनाफा कमाने और शराब को अत्यधिक नशीला बनाने के लिए उसमें 'मेथनॉल' (Chemical Methanol) मिलाया था, जो इंसानी शरीर के लिए एक घातक जहर की तरह काम करता है। पुलिस अब हिरासत में लिए गए सभी आठ आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि यह नकली शराब कहाँ बनाई जा रही थी और इस रैकेट के तार किन-किन बड़े चेहरों से जुड़े हैं।

इस घटना के बाद से पूरे पुणे जिले में अवैध शराब भट्टियों और संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस और आबकारी विभाग की छापेमारी तेज हो गई है।

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