अहमदाबाद
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की अहमदाबाद में संपन्न हुई दो दिवसीय वार्षिक बोर्ड बैठक में क्रिकेट के भविष्य को लेकर कई क्रांतिकारी और दूरगामी फैसले लिए गए हैं। आईसीसी ने खेल को और अधिक रोमांचक तथा समयबद्ध बनाने के लिए नियमों में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। इनमें सबसे प्रमुख फैसला टेस्ट क्रिकेट में खराब रोशनी (Bad Light) की समस्या से निपटने के लिए ट्रायल आधार पर 'गुलाबी गेंद' (Pink Ball) के उपयोग और फुटबॉल की तर्ज पर मुख्य कोच को मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से रणनीति बनाने की अनुमति देना शामिल है।
1. खराब रोशनी का तोड़: लाल गेंद की जगह लेगी 'गुलाबी गेंद'
अक्सर टेस्ट मैचों में खराब रोशनी के कारण दिन का खेल जल्दी समाप्त करना पड़ता है, जिससे फैंस और टीमों को निराशा होती है। अब आईसीसी ने इसका अनोखा हल निकाला है:
शर्त और सहमति: यदि सीरीज शुरू होने से पहले दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड सहमत हैं, तो मैच के दौरान खराब रोशनी होने पर गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
कैसे लागू होगा नियम: मैच की शुरुआत सामान्य लाल गेंद से ही होगी। लेकिन मान लीजिए कि दिन के 90 ओवरों में से 75 ओवर हो चुके हैं और अंतिम 15 ओवरों में रोशनी कम हो जाती है, तो फ्लडलाइट्स (दूधिया रोशनी) ऑन करके शेष ओवर गुलाबी गेंद से पूरे कराए जाएंगे।
नई लाइट टेक्नोलॉजी पर रिसर्च: आईसीसी और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) संयुक्त रूप से एक नए रिसर्च प्रोजेक्ट को फंड करेंगे, जिसका उद्देश्य खराब रोशनी की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक प्रकाश तकनीक का विकास करना है।
2. ड्रिंक्स ब्रेक में होगी कोच की एंट्री: टी20 की तर्ज पर 'स्ट्रैटेजिक टाइम-आउट'
आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट के पारंपरिक स्वरूप में बड़ा बदलाव करते हुए अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मुख्य कोच या उनके प्रतिनिधि को मैदान पर जाने की अनुमति दे दी है।
अब कोच मैदान पर जाकर लाइव मैच के दौरान खिलाड़ियों से सीधे रणनीति पर चर्चा कर सकेंगे।
इसके साथ ही, टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अब 15 मिनट का निर्धारित अंतराल अनिवार्य कर दिया गया है और बल्लेबाजों को खेल दोबारा शुरू होने पर क्रीज पर तुरंत तैयार रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
3. 'चकिंग' पर अंपायरों की तीसरी आंख: मिलेगा Hawk-Eye का एक्सेस
गेंदबाजों के संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन (Chucking) पर लगाम कसने के लिए आईसीसी ने तकनीक का सहारा लिया है। अब मैदानी अंपायरों को लाइव मैच के दौरान 'हॉक-आई' (Hawk-Eye) डेटा तक सीधी पहुंच (एक्सेस) दी जाएगी। इससे ऑन-फील्ड अंपायरों को किसी भी संदिग्ध एक्शन वाले गेंदबाज की सटीक रिपोर्ट तैयार करने में बेहद आसानी होगी।
आईसीसी मीटिंग के अन्य प्रमुख फैसले एक नजर में:
लेग-साइड वाइड नियम स्थायी: लेग-साइड वाइड्स को लेकर चल रहा ट्रायल नियम अब स्थायी रूप से अपना लिया गया है।
कब से लागू होंगे नियम: खेल से जुड़े ये सभी नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रभावी होंगे।
क्रिकेट कनाडा सस्पेंड: प्रशासनिक मोर्चे पर गंभीर अनियमितताओं के कारण आईसीसी ने क्रिकेट कनाडा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, खिलाड़ियों के हित में कनाडा की टीम आईसीसी टूर्नामेंट्स खेलती रहेगी और उन्हें सीधे नियंत्रित फंडिंग मिलती रहेगी।
महिला क्रिकेट विंडो में बदलाव: महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 अब जून-जुलाई के बजाय 14 से 28 फरवरी 2027 के बीच खेली जाएगी। इसके अलावा, 10 टीमों वाली एक नई 'महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2026' के आयोजन की भी घोषणा की गई है।
निष्कर्ष: अहमदाबाद में लिए गए आईसीसी के ये फैसले साफ करते हैं कि वैश्विक संस्था अब क्रिकेट को आधुनिक तकनीकों और फुटबॉल या बास्केटबॉल जैसे खेलों की तरह अधिक रणनीतिक और समयबद्ध बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।