खेल डेस्क।
इंग्लैंड की सरजमीं पर होने वाले आगामी महिला T20 वर्ल्ड कप की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इस महामुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपने अभियान का आगाज 14 जून को अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ करने जा रही है। लेकिन इस बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले कप्तान हरमनप्रीत कौर और भारतीय थिंक टैंक के लिए एक बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। टीम की सबसे भरोसेमंद ओपनिंग जोड़ी— उपकप्तान स्मृति मंधाना और आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा— की मौजूदा फॉर्म भारतीय खेमे के लिए चिंता का सबब बन चुकी है।
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में पूरी तरह 'फ्लॉप' रही जोड़ी
दोनों स्टार ओपनर्स के बल्ले की खामोशी का सबसे ताजा और चिंताजनक उदाहरण इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई 3 मैचों की T20 सीरीज में देखने को मिला। पूरी सीरीज में न तो मंधाना का बल्ला चला और न ही शेफाली अपनी आक्रामक लय हासिल कर पाईं। मजबूत शुरुआत देना तो दूर, दोनों के बीच एक सम्मानजनक साझेदारी तक देखने को नहीं मिली।
सीरीज में ओपनिंग पार्टनरशिप का हाल:
पहला T20: खाता खोले बिना (0 रन) ही साझेदारी टूट गई।
दूसरा T20: दोनों के बीच महज 27 रनों की पार्टनरशिप हुई।
तीसरा T20: दोनों ने मिलकर स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 19 रन जोड़े।
व्यक्तिगत प्रदर्शन भी रहा बेहद निराशाजनक
साझेदारी के अलावा दोनों बल्लेबाजों का व्यक्तिगत स्कोरकार्ड भी उनकी साख के मुताबिक बेहद खराब रहा। इंग्लैंड की पिचों पर दोनों ही खिलाड़ी रन बनाने के लिए संघर्ष करती नजर आईं:
स्मृति मंधाना: पहले मैच में वे खाता भी नहीं खोल सकीं (0 रन)। दूसरे मैच में उन्होंने थोड़ी लय पकड़ते हुए 32 रन बनाए, लेकिन तीसरे मैच में महज 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। उन्होंने पूरी सीरीज के 3 मैचों में 13.33 की बेहद मामूली औसत से सिर्फ 40 रन बनाए।
शेफाली वर्मा: पहले मैच में केवल 2 रन, दूसरे मैच में 22 रन और तीसरे मैच में 11 रन ही बना सकीं। शेफाली ने सीरीज में 11.66 की औसत से कुल 35 रन अपने नाम किए।
दोनों का प्रदर्शन इस कदर फीका रहा कि सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों की सूची में भी दोनों में से कोई अपनी जगह नहीं बना सका।
वर्ल्ड कप में खिताबी जीत के लिए ओपनिंग का चलना जरूरी
क्रिकेट के इस सबसे छोटे और फटाफट फॉर्मेट में वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खिताबी जीत हासिल करने के लिए पावरप्ले में एक मजबूत और आक्रामक शुरुआत का मिलना बेहद अहम होता है। भारतीय टीम के लिए यह जिम्मेदारी स्मृति और शेफाली के कंधों पर है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि मंधाना और शेफाली दोनों ही बड़े मैचों की खिलाड़ी मानी जाती हैं और उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है। भारतीय फैंस और मैनेजमेंट यही उम्मीद कर रहे होंगे कि 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरते ही यह जोड़ी अपने पुराने विस्फोटक रंग में लौट आए।