फीफा का कड़ा एक्शन: वर्ल्ड कप 2026 में लागू होंगे 8 नए नियम, टाइम बर्बाद किया या मुंह छुपाकर बात की तो सीधे 'रेड कार्ड'

खिलाड़ियों की मनमानी और अनुशासनहीनता पर लगेगी लगाम; थ्रो-इन और सब्स्टीट्यूशन के लिए शुरू होगा काउंटडाउन।

03 Jun 2026  |  69

 

खेल डेस्क।

दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित खेल महाकुंभ यानी 'फीफा मेंस वर्ल्ड कप 2026' (FIFA Mens World Cup 2026) का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आगामी 11 जून (भारत में आधी रात 12 जून) से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में इस मेगा टूर्नामेंट का आगाज होने जा रहा है। इस बार का वर्ल्ड कप कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि पहली बार इसमें 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं।

मगर इस बार सिर्फ टीमों की संख्या ही नहीं बढ़ी है, बल्कि फीफा (FIFA) ने खेल में अनुशासन, पारदर्शिता बनाए रखने और समय की बर्बादी को रोकने के लिए 8 बेहद कड़े और नए नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों के आने के बाद अब खिलाड़ियों के लिए जबरदस्ती खेल की रफ्तार को धीमा करना नामुमकिन हो जाएगा।

ये 8 नए नियम जो बदल देंगे फुटबॉल का रोमांच:

1. हाथ से मुंह छुपाकर बात करने पर सीधा 'रेड कार्ड'

अक्सर मैचों के दौरान खिलाड़ी रणनीति बनाने या विरोधी टीम पर तंज कसने के लिए हाथ से मुंह छुपाकर बात करते हैं। अब नए नियमों के तहत मैदान पर ऐसा करने की सख्त मनाही होगी। यदि कोई खिलाड़ी हाथ से मुंह ढककर बात करता पाया गया, तो रेफरी उसे सीधे 'रेड कार्ड' दिखाकर मैदान से बाहर भेज देगा।

2. खेल रुकने के दौरान फाउल पर भी VAR की नजर

अभी तक वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) केवल तभी दखल देता था जब खेल जारी रहता था। लेकिन अब थ्रो-इन, कॉर्नर किक या पेनल्टी के दौरान यदि गेंद मैदान पर लाइव होने से पहले ही कोई खिलाड़ी फाउल करता है, तो VAR उसकी जांच कर सजा तय कर सकेगा।

3. गलत कॉर्नर और दूसरे 'येलो कार्ड' पर रेफरी का फैसला बदलेगा VAR

यदि मैच रेफरी मैदान पर गलती से किसी टीम को कॉर्नर किक दे देता है या किसी खिलाड़ी को मैच में दूसरी बार गलत तरीके से येलो कार्ड दिखाता है, तो इन दोनों ही गंभीर स्थितियों में VAR दखल देगा और मुख्य रेफरी के फैसले को पलट सकेगा।

4. थ्रो-इन और गोल किक के लिए 5 सेकेंड का काउंटडाउन

समय बचाने के लिए फीफा ने अब 'थ्रो-इन' या गोल किक के समय पर कड़ा नियम बनाया है। अब खिलाड़ियों को इसके लिए सिर्फ 5 सेकेंड का समय मिलेगा। मैदान पर इसके लिए बकायदा काउंटडाउन चलेगा और इसमें फेल होने पर विरोधी टीम को थ्रो-इन या कॉर्नर किक सौंप दी जाएगी।

5. 10 सेकेंड में करना होगा खिलाड़ियों का बदलाव (सब्स्टीट्यूशन)

मैच के दौरान खिलाड़ियों को बदलने के लिए टीमों के पास केवल 10 सेकेंड का समय होगा। यदि कोई टीम तय समय में सब्स्टीट्यूशन पूरा नहीं कर पाती है, तो आने वाले नए खिलाड़ी को 1 मिनट तक बाहर इंतजार करना होगा। इस दौरान उस टीम को 10 खिलाड़ियों के साथ ही यानी एक खिलाड़ी के बिना ही खेलना पड़ेगा।

6. मैदान छोड़ने पर पूरी टीम को 'रेड कार्ड'

यदि कोई टीम रेफरी के किसी फैसले के विरोध में या किसी अन्य विवाद के चलते एक साथ मैदान से बाहर चली जाती है, तो इसे अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा माना जाएगा। सजा के तौर पर रेफरी पूरी की पूरी टीम को 'रेड कार्ड' दिखा सकता है।

7. चोटिल खिलाड़ी को 1 मिनट रहना होगा बाहर

मैच के दौरान यदि कोई खिलाड़ी चोटिल (Injured) होता है, तो प्राथमिक उपचार के बाद उसे मैदान पर तुरंत लौटने की अनुमति नहीं होगी। उसे अनिवार्य रूप से 1 मिनट तक पिच से बाहर रहना होगा, ताकि खेल प्रभावित न हो।

8. डग आउट में जाने पर रोक

यदि गोलकीपर को चोट लगती है और मेडिकल टीम मैदान पर उसकी जांच कर रही है, तो उस खाली समय का उपयोग खिलाड़ी रणनीति बनाने के लिए नहीं कर सकेंगे। मैच जारी रहने के दौरान किसी भी टीम के खिलाड़ी को टेक्निकल एरिया (डग आउट) में जाकर कोचिंग स्टाफ से बात करने की इजाजत नहीं होगी।

विशेषज्ञों की राय:

फीफा के इन क्रांतिकारी बदलावों का उद्देश्य फुटबॉल को और अधिक पारदर्शी, तेज और विवादों से मुक्त बनाना है। समय की बर्बादी पर लगाम लगाने वाले इन नियमों से प्रशंसकों को बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड गेम देखने को मिलेगा।

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