स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ 'फीफा वर्ल्ड कप 2026' (FIFA World Cup 2026) की शुरुआत 12 जून से होने जा रही है। फुटबॉल इतिहास में यह पहला मौका है जब इस टूर्नामेंट के 23वें एडिशन में रिकॉर्ड 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि टीमों की संख्या बढ़ने के बावजूद फुटबॉल जगत की 5 बड़ी और दिग्गज टीमें इस बार मैदान पर नजर नहीं आएंगी। इनमें सबसे बड़ा और चौंकाने वाला नाम 4 बार की विश्व विजेता 'इटली' का है।
इटली के अलावा नाइजीरिया, डेनमार्क, पोलैंड और यूक्रेन जैसी मजबूत टीमें भी इस बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही हैं। बता दें कि इस मेगा टूर्नामेंट की मेजबानी संयुक्त रूप से तीन देश— अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा कर रहे हैं।
इटली का 'क्वालिफिकेशन सिंड्रोम': लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप से बाहर
फुटबॉल इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक इटली (वर्तमान फीफा रैंकिंग: 12) का इस बार भी वर्ल्ड कप न खेलना फैंस के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। यह लगातार तीसरी बार है जब इटली क्वालिफाई करने से चूकी है; इससे पहले वह 2018 और 2022 वर्ल्ड कप का हिस्सा भी नहीं बन पाई थी।
क्वालिफाइंग राउंड के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इटली को बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ पेनाल्टी शूटआउट में मिली हार का खामियाजा भुगतना पड़ा, जिसने उनके विश्व कप के सपने को तोड़ दिया।
इटली का स्वर्णिम इतिहास: इटली ने पहली बार 1934 में खिताब जीता था, और फिर 1938 में इसे सफलतापूर्वक डिफेंड (बरकरार) किया। इसके बाद टीम 1982 और आखिरी बार 2006 में वर्ल्ड चैंपियन बनी थी।
वर्ल्ड कप 2026 से बाहर रहने वाली 5 बड़ी टीमें
| देश (Team) | मौजूदा फीफा रैंकिंग | बाहर होने की मुख्य वजह / स्थिति |
|---|---|---|
| इटली | 12वीं | बोस्निया और हर्जेगोविना से पेनाल्टी शूटआउट में हारी; लगातार तीसरा वर्ल्ड कप मिस करेगी। |
| डेनमार्क | 20वीं | पेनाल्टी शूटआउट में मिली करीबी हार ने किया बाहर; पिछले वर्ल्ड कप की 'डार्क हॉर्स' थी। |
| नाइजीरिया | 26वीं | लगातार दूसरी बार बाहर; नाइजीरिया की जगह इस बार डीआर कांगो (DR Congo) ने मारी बाजी। |
| यूक्रेन | 32वीं | UEFA क्वालिफाइंग प्लेऑफ में स्वीडन से मिली हार; पिछले 20 साल (2006 के बाद) से सूखा जारी। |
| पोलैंड | 35वां | प्लेऑफ के फाइनल में स्वीडन से 3-2 से रोमांचक शिकस्त; पिछला वर्ल्ड कप (राउंड ऑफ 16) खेला था। |
स्वीडन बना पोलैंड और यूक्रेन के लिए 'काल'
क्वालिफाइंग मुकाबलों में स्वीडन की टीम अन्य यूरोपीय दिग्गजों के लिए सबसे बड़ी बाधा साबित हुई। स्वीडन ने पहले यूक्रेन को प्लेऑफ से बाहर का रास्ता दिखाया, और फिर फाइनल मुकाबले में पोलैंड को एक बेहद कड़े मैच में 3-2 से हराकर उनका टिकट काट दिया।
48 टीमों के इस नए फॉर्मेट में जहां कई छोटे और नए देशों को फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, वहीं इटली और डेनमार्क जैसी पारंपरिक महाशक्तियों की गैरमौजूदगी फुटबॉल प्रेमियों को जरूर खलेगी।