पेरिस।
विश्व टेनिस जगत को एक नया और चमचमाता हुआ सुपरस्टार मिल गया है। 19 साल की रूसी युवा सनसनी मिरा एंड्रीवा ने अपने हैरतअंगेज प्रदर्शन से इतिहास रचते हुए साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम ‘फ्रेंच ओपन 2026’ के महिला सिंगल्स का खिताब अपने नाम कर लिया है।
पेरिस के लाल बजरी वाले प्रसिद्ध 'कोर्ट फिलिप-चेट्रियर' पर खेले गए हाई-प्रोफाइल खिताबी मुकाबले में टूर्नामेंट की आठवीं वरीयता प्राप्त एंड्रीवा ने पोलैंड की माजा चवलिंस्का को सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से शिकस्त देकर करियर का पहला 'मेजर' खिताब चूमा।
मोनिका सेलेस और शारापोवा के 'एलीट क्लब' में एंट्री
मिरा एंड्रीवा की यह खिताबी जीत टेनिस इतिहास के पन्नों में कई बड़े रिकॉर्ड्स के साथ दर्ज हो गई है:
34 साल बाद सबसे युवा चैंपियन: 19 साल की उम्र में रोलां गैरो (फ्रेंच ओपन) जीतकर एंड्रीवा पेरिस के क्ले-कोर्ट पर खिताब उठाने वाली 1992 के बाद सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले साल 1992 में महान मोनिका सेलेस ने महज 18 साल की उम्र में यह कारनामा किया था।
शारापोवा के बाद पहली रूसी महारानी: एंड्रीवा साल 2014 में मारिया शारापोवा की ऐतिहासिक जीत के बाद फ्रेंच ओपन का महिला सिंगल्स खिताब जीतने वाली पहली रूसी महिला खिलाड़ी भी बन गई हैं।
पिछड़ने के बाद गुरुमंत्र ने बदली बाजी
क्वालिफायर के तौर पर फाइनल तक का सफर तय करके सबको चौंकाने वाली पोलैंड की माजा चवलिंस्का ने मैच की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की थी। चवलिंस्का ने अपने शानदार ड्रॉप शॉट्स और आक्रामक फोरहैंड के दम पर पहले सेट में 3-2 की बढ़त बना ली थी और एंड्रीवा को दबाव में डाल दिया था।
लेकिन, इसके बाद टर्निंग पॉइंट आया। एंड्रीवा ने कोर्ट पर ही अपनी कोच और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कोंचिता मार्टिनेज की सलाह (रणनीति) पर अमल किया। अपनी चाल बदलते हुए एंड्रीवा ने लगातार गेम जीतकर पहला सेट 6-3 से खींचा और दूसरे सेट में विपक्षी खिलाड़ी को सिर उठाने का मौका न देते हुए उसे 6-2 से मात देकर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।
ट्रॉफी के साथ पैसों की भी बारिश: ₹30 करोड़ से ज्यादा का इनाम
| खिताब और सम्मान | मिरा एंड्रीवा की उपलब्धियां |
|---|---|
| चमचमाती ट्रॉफी | सुजैन-लेंगलेन ट्रॉफी (Suzanne-Lenglen cup) |
| प्राइज मनी | 3.25 मिलियन डॉलर (भारतीय रुपयों में ₹30 करोड़ से अधिक) |
| टूर्नामेंट का दबदबा | फाइनल तक के पूरे सफर में गंवाया सिर्फ 1 सेट |
इस बेमिसाल और एकतरफा प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि मिरा एंड्रीवा सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि महिला टेनिस का आने वाला कल हैं। पेरिस की लाल बजरी पर उकेरा गया उनका यह नाम खेल प्रेमियों को लंबे समय तक याद रहेगा।