हरियाणा के गाँव से वैश्विक मंच तक: 'सेल्फी विद डॉटर' अभियान के 11 वर्ष पूरे, AI तकनीक ने दी नई उड़ान

9 जून को मनाया जा रहा 'सेल्फी विद डॉटर दिवस'; 80 से अधिक देश हुए शामिल, रोनाल्डो से लेकर शाहरुख खान जैसी वैश्विक हस्तियों ने बढ़ाया मान

08 Jun 2026  |  114

 

 

जींद (हरियाणा):

हरियाणा के जींद जिले के एक छोटे से गाँव बीबीपुर से शुरू हुआ 'सेल्फी विद डॉटर' अभियान आज बेटियों के सम्मान, अधिकार और लैंगिक समानता का एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। 9 जून 2015 को इस अभियान के संस्थापक सुनील जागलान ने अपनी नवजात बेटी नंदिनी के साथ जो पहली सेल्फी इंटरनेट मीडिया पर साझा की थी, उसने एक ऐसे जनआंदोलन का रूप ले लिया है जिसने देश और दुनिया में बेटियों के प्रति समाज की सोच को बदलने का ऐतिहासिक काम किया है। इस वर्ष 9 जून को मनाए जाने वाले 'सेल्फी विद डॉटर दिवस' के गौरवमयी 11 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

10 लाख से ज्यादा सेल्फियों का डिजिटल संग्रहालय

बीते एक दशक से अधिक समय में इस अभियान ने सीमाओं को लांघकर दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है:

वैश्विक भागीदारी: दुनिया के 80 से अधिक देशों के लोग इस मुहिम का हिस्सा बन चुके हैं।

बड़ा रिकॉर्ड: अभियान के आधिकारिक ऑनलाइन संग्रहालय (Online Museum) में अब तक एक मिलियन (10 लाख) से ज्यादा भावुक और खूबसूरत सेल्फियां अपलोड की जा चुकी हैं।

शीर्ष नेतृत्व की सराहना: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने पिछले महीने ही सुनील जागलान के आवास पर जाकर इस अभियान को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए उनकी सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में 7 बार किया जिक्र

इस अभियान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी पहचान तब मिली, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने बेहद लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में रिकॉर्ड सात बार इसका विशेष उल्लेख किया। पीएम मोदी ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसे बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का एक प्रेरक उदाहरण बताया है। इसके अलावा, देश के पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी भी इस अनूठी पहल से बेहद प्रभावित रहे थे।

'एआई (AI) सेल्फी विद डॉटर': तकनीक से पूरा हुआ बेटियों का सपना

"इस वर्ष इस अभियान को एक बेहद अनूठी और आधुनिक थीम— 'एआई सेल्फी विद डॉटर' को समर्पित किया गया है।"

यह पहल उन माता-पिता के लिए एक भावुक सौगात बनकर आई जिनकी अपनी कोई बेटी नहीं है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की मदद से अपनी कल्पना की बेटी के साथ डिजिटल सेल्फी तैयार कर इस अभियान में हिस्सा लिया। इस नई मुहिम को दुनिया भर से अप्रत्याशित समर्थन मिला और देखते ही देखते 32 हजार से अधिक एआई-सेल्फियां अपलोड की गईं। इस वर्ष अब तक कुल मिलाकर दो लाख से ज्यादा नई तस्वीरें साझा की जा चुकी हैं।

रोनाल्डो से लेकर शाहरुख तक... दिग्गजों ने मिलाया हाथ

इस अभियान की स्वीकार्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खेल और सिनेमा जगत के दिग्गज भी इसके मुरीद हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो, डेविड बेकहम, डिएगो माराडोना, विन डीजल, किम कार्दशियन, सचिन तेंदुलकर, शाहरुख खान और अजय देवगन जैसी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हस्तियों ने अपनी बेटियों के साथ तस्वीरें साझा कर इस मुहिम को अपना समर्थन दिया है।

नेपाल, कनाडा, जापान, चीन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे देशों में फैले इस आंदोलन की अभूतपूर्व सफलता का श्रेय संस्थापक सुनील जागलान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निरंतर प्रोत्साहन को दिया है। यह अभियान आज केवल एक सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं, बल्कि बेटियों के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता का वैश्विक प्रतीक बन चुका है।

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