शहादत से स्तब्ध देश: उरी में एलओसी के पास बड़ा धमाका, महाराष्ट्र के दो जांबाज जवान वीरगति को प्राप्त

कमलकोट सेक्टर में गश्त के दौरान हुआ अचानक ब्लास्ट; अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों वीरों ने तोड़ा दम।

10 Jun 2026  |  128

 

 

श्रीनगर/जम्मू।

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। नियंत्रण रेखा (LoC) के पास कमलकोट इलाके में हुए एक अचानक धमाके में भारतीय सेना के दो जांबाज जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। मंगलवार देर शाम हुए इस हादसे में दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

गश्त के दौरान हुआ अचानक ब्लास्ट

सैन्य सूत्रों के अनुसार, उरी के कमलकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा के अग्रिम इलाके में सेना के जवान अपनी नियमित गश्त (Petrolling) पर थे। इसी दौरान वहां एक अचानक और जोरदार धमाका हुआ। ब्लास्ट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी चपेट में आने से दोनों जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

घटना के तुरंत बाद सेना के अन्य जवानों ने मोर्चा संभाला और घायल साथियों को तुरंत एयरलिफ्ट करके श्रीनगर के बादामीबाग स्थित सेना के 92 बेस हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों वीर जवानों को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली।

महाराष्ट्र के लाल: वीर सपूतों की पहचान

बलिदानी जवानों का परिचय:

चव्हाण विक्रम बालकृष्ण: वीर जवान चव्हाण विक्रम बालकृष्ण महाराष्ट्र के ऐरोली के रहने वाले थे।

अर्जुन जाधव राजेंद्र: जांबाज अर्जुन जाधव महाराष्ट्र के सतारा जिले की कराड तहसील के शाहपुर गांव के निवासी थे।

दोनों जवानों की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांवों और पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

जांच में जुटी सेना

धमाके के तुरंत बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। सेना और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि यह धमाका किसी पुराने लैंडमाइन (बारूदी सुरंग) के सक्रिय होने के कारण हुआ या इसके पीछे सीमा पार से की गई किसी तरह की साजिश थी। फिलहाल एलओसी पर सतर्कता को और अधिक बढ़ा दिया गया है।

शहीद जवानों के पार्थिव शरीरों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके गृह राज्यों में भेजने की तैयारी की जा रही है, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देश इन वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को हमेशा नमन करेगा।

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