नई दिल्ली/वॉशिंगटन।
भारत के राजनीतिक इतिहास में 10 जून का दिन एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 4399 दिनों तक पद पर बने रहकर भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पीएम मोदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अमेरिका से बधाई संदेशों का तांता लग गया है, जिसमें उनके कार्यकाल को 'बदलाव लाने वाला' बताया गया है।
'पीएम मोदी का कार्यकाल बदलाव लाने वाला' : अमेरिकी सांसद जॉन कॉर्निन
सीनेट इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष और टेक्सस से रिपब्लिकन अमेरिकी सांसद जॉन कॉर्निन ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक विशेष पोस्ट साझा कर पीएम मोदी को बधाई दी।
अमेरिकी सांसद ने गिनाईं उपलब्धियां:
"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में बधाई। तीन बार के लोकतांत्रिक जनादेशों में 1.4 अरब लोगों के भरोसे के साथ उन्होंने 4399 दिनों तक देश का नेतृत्व किया है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने तक, प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल बदलाव लाने वाला रहा है। अमेरिका-भारत की साझेदारी पहले कभी इतनी मजबूत नहीं रही।"
'यह समर्पित जनसेवा का सशक्त प्रमाण' : अमेरिकी राजदूत
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने लिखा, "भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई। यह ऐतिहासिक उपलब्धि दशकों तक उनकी समर्पित जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व का सशक्त प्रमाण है! उन्हें मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।"
वैश्विक मंच पर गूंज: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने जताया सम्मान
मशहूर अमेरिकी सिंगर और भारत समर्थक मैरी मिलबेन ने इस मौके को एक महान राष्ट्र की लोकतांत्रिक यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने पीएम मोदी को अपना मित्र बताते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका की जमकर तारीफ की।
मैरी मिलबेन का मुख्य संदेश:
संतुलित कूटनीति: "मैं अमेरिका-भारत संबंधों को आगे बढ़ाने में आपके नेतृत्व का सम्मान करती हूं। आपने अपने कार्यकाल के दौरान कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों का दौर देखा है। कुछ के साथ आपके बहुत गहरे संबंध रहे, तो कुछ के साथ आपने बेहद संतुलित और सम्मानजनक कूटनीति दिखाई।"
देशहित सर्वोपरि: "हर परिस्थिति में आपने भारतीय जनता के हितों और दोनों देशों के रिश्तों को हमेशा प्राथमिकता दी है।"
ऐतिहासिक तुलना: आंकड़ों में पीएम मोदी का सफर
| विवरण | ऐतिहासिक आंकड़े |
|---|---|
| लगातार कार्यकाल के दिन | 4,399 दिन (10 जून तक) |
| लोकतांत्रिक जनादेश | लगातार 3 बार पूर्ण बहुमत/गठबंधन सरकार का नेतृत्व |
| आर्थिक बदलाव | 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर; दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था |
| वैश्विक प्रभाव | भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का स्वर्ण काल |
एक नए युग की शुरुआत
1.4 अरब आबादी वाले देश में लगातार तीन बार लोकतांत्रिक जनादेश हासिल कर इस मुकाम पर पहुंचना पीएम मोदी के जनसमर्थन को दर्शाता है। वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी का यह कार्यकाल न केवल भारत के आंतरिक विकास (गरीबी उन्मूलन और डिजिटल क्रांति) के लिए जाना जाएगा, बल्कि इसने वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच के कूटनीतिक रिश्तों को एक नई और अटूट ऊंचाई दी है।