LPG सिलिंडर के दिन लदे! सरकार का राष्ट्रव्यापी अभियान—तुरंत सरेंडर करो LPG सिलिंडर! 'इन' उपभोक्ताओं को जारी होगा नोटिस

रसोई गैस के मोर्चे पर बड़ा बदलाव; विदेशी संकट और ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक की भारी सब्सिडी के बोझ से निपटने के लिए मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक।

10 Jun 2026  |  119

 

 

नई दिल्ली:

भारत सरकार अब रसोई गैस के पारंपरिक एलपीजी (LPG) सिलेंडरों पर देश की निर्भरता को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने के लिए एक देशव्यापी अभियान की शुरुआत की है। सरकार का मुख्य लक्ष्य उन सभी क्षेत्रों में पीएनजी कनेक्शन का तेजी से विस्तार करना है, जहां इसका बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पहले से बनकर तैयार है।

आखिर क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, इस रणनीतिक बदलाव के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

वैश्विक भू-राजनीतिक संकट: 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) क्षेत्र में हालिया वैश्विक तनाव और घटनाक्रमों के कारण एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति पर जोखिम बढ़ा है, जिससे घरेलू निर्भरता कम करना जरूरी हो गया है।

सब्सिडी का भारी-भरकम बोझ: एलपीजी पर दी जा रही भारी सब्सिडी देश के खजाने के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन चुकी है।

सरकारी खजाने पर ₹1,57,000 करोड़ की मार

प्रेस रिलीज में सरकारी खजाने पर पड़ रहे वित्तीय बोझ के चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे गए हैं:

तेल कंपनियों का घाटा: तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को वर्तमान में प्रति एलपीजी सिलिंडर 690 रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सालाना आधार पर यह घाटा 1,38,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है।

उज्ज्वला योजना का बोझ: इसके अतिरिक्त, सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को 300 रुपये प्रति सिलेंडर की अतिरिक्त सब्सिडी देती है, जिसका वार्षिक वित्तीय बोझ 19,000 करोड़ रुपये है।

किन्हें जारी होगा नोटिस? सरकार की रडार पर दो तरह के उपभोक्ता

सरकार ने तेल कंपनियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं को सख्त निर्देश देकर दो श्रेणियों के उपभोक्ताओं को चिन्हित कर नोटिस भेजने को कहा है:

डबल कनेक्शन वाले उपभोक्ता: ऐसे लोग जिनके घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हो चुका है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं किया है। सरकार का मानना है कि इससे एलपीजी की कालाबाजारी और अनावश्यक उपयोग को बढ़ावा मिलता है।

संभावित उपभोक्ता: ऐसे नागरिक जो उन इलाकों में रह रहे हैं जहाँ पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन उन्होंने अभी तक नए कनेक्शन के लिए स्विच नहीं किया है।

कलेक्टरों को कमान: इस राष्ट्रव्यापी अभियान को जमीन पर उतारने के लिए जिला कलेक्टरों, जिला मजिस्ट्रेटों (DM) और नगर निकायों के अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर लोगों को एलपीजी से पीएनजी की तरफ शिफ्ट किया जा सके।

क्यों बेहतर है PNG? इसके मुख्य फायदे

विशेषताएलपीजी (LPG)पीएनजी (PNG)
सुरक्षा और सुविधासिलिंडर बदलने और बुकिंग का झंझटअधिक सुरक्षित, 24 घंटे सीधी और निरंतर आपूर्ति
पर्यावरणपारंपरिक ईंधनस्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन (Clean Fuel)
आर्थिक प्रभावआयात पर उच्च निर्भरता और भारी सब्सिडी बोझविदेशी आयात और सरकारी खजाने पर कम बोझ

सरकार के इस कदम से साफ है कि आने वाले दिनों में शहरी और बुनियादी ढांचे से जुड़े इलाकों में एलपीजी सिलिंडरों की विदाई होगी और सुरक्षित, सस्ती व स्वच्छ पीएनजी गैस हर रसोई की पहली पसंद बनेगी।

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