भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव : नो-मैन्स लैंड में फंसा रहा बेबस बुजुर्ग, BSF और BGB के बीच तीखी नोकझोंक

पहचान की जंग: 'हिंदू' होने के कारण बांग्लादेशी गार्ड्स ने अपनाने से किया था इनकार, फ्लैग मीटिंग के बाद सुलझा विवाद!

11 Jun 2026  |  109

 

 

शिल्लोंग/महेंद्रगंज।

मेघालय सीमा पर भारत और बांग्लादेश के सीमा रक्षकों के बीच एक बांग्लादेशी नागरिक की राष्ट्रीयता को लेकर भारी तनाव देखने को मिला। मेघालय सीमा के रास्ते कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले 55 वर्षीय एक बांग्लादेशी नागरिक को सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा वापस भेजे जाने के दौरान बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के अड़ियल रुख के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई। शुरुआत में बीजीबी ने उस व्यक्ति को स्वीकार करने से साफ मना कर दिया, जिसके चलते वह बेबस बुजुर्ग कुछ समय के लिए दोनों देशों के बीच 'नो-मैन्स लैंड' में फंसा रहा।

 नंदीरचार सीमा पर आमने-सामने आए जवान

यह पूरा घटनाक्रम मेघालय के दक्षिण-पश्चिम गारो हिल्स जिले के महेंद्रगंज के पास नंदीरचार सीमा पर हुआ। बीएसएफ ने जब अवैध रूप से घुसे इस बांग्लादेशी नागरिक को पकड़कर मानक प्रक्रियाओं (Standard Procedures) के तहत वापस भेजने की कोशिश की, तो बीजीबी के जवानों ने उसे भारतीय नागरिक बताते हुए लेने से इनकार कर दिया।

पीड़ित बुजुर्ग की पहचान बांग्लादेश के राजशाही जिले के चालना गांव के निवासी सती राजबंशी के रूप में हुई है, जो कि एक हिंदू हैं।

 वीडियो वायरल: तीखी बहस और बेबसी का मंजर

इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें बांग्लादेश के जमालपुर के बीजीबी जवानों और बीएसएफ के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो के मुख्य अंश इस प्रकार हैं:

भटकता बुजुर्ग: दोनों देशों के जवानों के बीच छिड़ी इस जुबानी जंग के बीच 55 वर्षीय सती राजबंशी नो-मैन्स लैंड में बेहद परेशान और लाचार होकर इधर-उधर भटकते नजर आए।

आक्रामक पूछताछ: बांग्लादेशी गार्ड उस बुजुर्ग से उसके पते और राष्ट्रीयता को लेकर बेहद कड़े और आक्रामक लहजे में पूछताछ कर रहे थे।

जमा हुई भीड़: विवाद को बढ़ता देख बांग्लादेश की ओर स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ भी जमा हो गई थी।

शुरुआत में दोनों देशों के स्थानीय कमांडरों के बीच हुई फ्लैग मीटिंग भी बेनतीजा रही थी, जिसके कारण बुजुर्ग को कई घंटों तक नो-मैन्स लैंड की तपिश और अनिश्चितता के बीच बिताना पड़ा।

 'हिंदू' होने के कारण निशाना बनाने का आरोप

इस घटना ने सीमा पार से होने वाले अवैध प्रवासन और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

BSF का गंभीर आरोप: बीएसएफ के सूत्रों ने आरोप लगाया है कि बीजीबी ने इस व्यक्ति को भारतीय क्षेत्र में वापस धकेलने की साजिश इसलिए रची क्योंकि वह हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखता है। सूत्रों के मुताबिक, बीजीबी इस मानवीय मुद्दे के जरिए भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की कोशिश कर रही थी।

 फ्लैग मीटिंग के बाद आखिरकार सुलझा मामला

गुरुवार को यह विवाद तब जाकर शांत हुआ जब बांग्लादेशी अधिकारियों ने गहन जांच के बाद उस व्यक्ति की वास्तविक पहचान और बांग्लादेशी पते को स्वीकार कर लिया। पहचान स्थापित होने के बाद बीजीबी ने सती राजबंशी को वापस बांग्लादेशी क्षेत्र में ले लिया, जिसके बाद सीमा पर बना तनाव कम हुआ। हालांकि, इस घटना ने सीमा प्रबंधन और दोनों देशों के बीच समन्वय की कमियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

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