देश की सुरक्षा से खिलवाड़!, पकड़ा गया 'TEC एयरो डिवाइसेस' का झूठ, 199 टेस्ट रिपोर्ट निकलीं जाली, दर्ज कराई FIR

रूटीन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया 'TEC एयरो डिवाइसेस' का झूठ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने दर्ज कराई FIR। तेजस फाइटर जेट प्रोग्राम में बड़ा फर्जीवाड़ा: HAL ने हैदराबाद की सप्लायर कंपनी को किया ब्लैकलिस्ट, 199 टेस्ट रिपोर्ट निकलीं जाली

12 Jun 2026  |  100

 

 

बेंगलुरु/हैदराबाद।

भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम ‘तेजस Mk1A’ (Tejas Mk1A) को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सरकारी रक्षा निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने हैदराबाद की एक सप्लायर कंपनी पर लड़ाकू विमान के पार्ट्स (कलपुर्जों) से जुड़ी 199 फर्जी टेस्ट रिपोर्ट जमा करने का बड़ा आरोप लगाया है। मामले का खुलासा होते ही HAL ने त्वरित और कड़ा एक्शन लेते हुए कंपनी को 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है और उसके खिलाफ आपराधिक FIR दर्ज कराई है।

कैसे सामने आया 'फर्जीवाड़ा'?

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के अनुसार, हैदराबाद स्थित ‘TEC एयरो डिवाइसेस’ नामक कंपनी को मार्च 2022 से तेजस फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए अलग-अलग कंपोनेंट्स की सप्लाई हेतु 18 परचेज ऑर्डर दिए गए थे।

मंजूरी का आधार: कंपनी ने इन पार्ट्स की क्वालिटी साबित करने के लिए जो सैंपल और टेस्ट रिपोर्ट जमा करवाई थी, उसी के आधार पर उसे 35 तरह के पार्ट्स बनाने की हरी झंडी दी गई थी।

रूटीन चेकिंग में खुली पोल: HAL जब एक नियमित क्वालिटी वेरिफिकेशन (Quality Verification) कर रहा था, तब उसने कंपनी से पार्ट्स की मजबूती से जुड़े अहम टेस्ट (जैसे- टेन्साइल स्ट्रेंथ, हार्डनेस और शियर टेस्ट) की ओरिजिनल कॉपियां (मूल रिपोर्ट) मांगी। सप्लायर कंपनी ये ओरिजिनल दस्तावेज देने में पूरी तरह नाकाम रही।

थर्ड-पार्टी ऑडिट से हुआ सच का पर्दाफाश

जब सप्लायर कंपनी मूल दस्तावेज नहीं दे सकी, तो HAL ने इस मामले की गहराई से जांच के लिए थर्ड-पार्टी टेस्टिंग एजेंसी ‘एक्सिस इंस्पेक्शन सॉल्यूशंस’ का ऑडिट करने का फैसला किया। इस जांच में जो सच सामने आया, उसने रक्षा अधिकारियों के होश उड़ा दिए:

लेटरहेड का गलत इस्तेमाल: जांच में साफ हुआ कि फरवरी 2023 से सितंबर 2023 के बीच जमा की गई सभी 199 रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी थीं। टेस्टिंग एजेंसी के नाम और लेटरहेड का जाली इस्तेमाल करके ये फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।

HAL की सख्त और त्वरित कार्रवाई

चूंकि मामला देश के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान की सुरक्षा और 'मेक इन इंडिया' अभियान की साख से जुड़ा था, इसलिए HAL ने बिना देर किए सख्त कदम उठाए:

3 साल का बैन: सप्लायर कंपनी ‘TEC एयरो डिवाइसेस’ को तत्काल प्रभाव से 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट (Blacklist) कर दिया गया है।

आपराधिक मामला: कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का आपराधिक केस दर्ज कराते हुए FIR कराई गई है।

पेमेंट रोका गया: राहत की बात यह रही कि गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) के कड़े नियमों के कारण HAL ने इस सप्लायर कंपनी को अब तक कोई भी भुगतान (Payment) नहीं किया था, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान नहीं हुआ।

क्यों बेहद संवेदनशील है यह मामला?

तेजस Mk1A भारतीय वायुसेना (IAF) का रीढ़ की हड्डी बनने जा रहा सबसे आधुनिक स्वदेशी फाइटर जेट है। रक्षा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद रणनीतिक महत्व रखता है। लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स की गुणवत्ता में जरा सी भी चूक या फर्जीवाड़ा पायलटों की जान और देश की रक्षा प्रणाली के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है। HAL की इस मुस्तैदी ने समय रहते एक बड़े सुरक्षा जोखिम को टाल दिया है।

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