'RBI' के नाम पर WhatsApp पर बड़ा स्कैम: APK फाइल भेजकर बैंक खाता ब्लॉक करने की धमकी, सरकार ने जारी किया अलर्ट

प्रोफाइल पर RBI का लोगो लगाकर जालसाज रच रहे हैं साजिश; पीआईबी (PIB) ने बताया फर्जी, सिर्फ इन दो नंबरों से ही संपर्क करता है रिजर्व बैंक।

12 Jun 2026  |  54

 

 

नई दिल्ली:

डिजिटल युग में जहां बैंकिंग सुविधाएं आसान हुई हैं, वहीं साइबर अपराधियों के हौसले भी बुलंद हो गए हैं। व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर इन दिनों देश की सबसे भरोसेमंद वित्तीय संस्था, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने का एक नया और खतरनाक स्कैम सामने आया है। स्कैमर्स की इस बढ़ती सक्रियता को देखते हुए भारत सरकार ने देशवासियों के लिए एक आपातकालीन अलर्ट जारी किया है।

अगर आपके पास भी व्हाट्सऐप पर RBI के नाम से कोई संदिग्ध मैसेज या फाइल आई है, तो उसे भूलकर भी ओपन न करें। यह आपकी जमापूंजी को पल भर में साफ करने की एक सोची-समझी साजिश हो सकती है।

डराने वाला मैसेज और 'APK फाइल' का जाल

जालसाजों (Fraudsters) ने इस ठगी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया है। व्हाट्सऐप पर भेजे जा रहे इस मैसेज में स्कैमर्स ने अपनी प्रोफाइल पिक्चर पर बकायदा RBI का आधिकारिक लोगो लगा रखा है ताकि लोग इसे सच मान लें।

धमकी भरा संदेश: मैसेज में उपभोक्ताओं को डराते हुए लिखा जा रहा है कि उनका बैंक अकाउंट किसी 'संदिग्ध लेनदेन' (Suspicious Transaction) से जुड़ा हुआ पाया गया है।

अकाउंट ब्लॉक करने का अल्टीमेटम: यूजर्स से कहा जा रहा है कि वे अपनी फाइनेंशियल और पर्सनल डिटेल्स तुरंत साझा करें, अन्यथा अगले तीन दिनों के भीतर उनका बैंक अकाउंट हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा।

खतरनाक APK फाइल: इस मैसेज के साथ एक 'APK फाइल' (एंड्रॉइड एप्लिकेशन पैकेज) भेजी जा रही है, जिसे डाउनलोड करने के लिए दबाव बनाया जाता है। यह फाइल असल में एक वायरस या स्पाईवेयर हो सकती है, जो आपके फोन का पूरा एक्सेस हैकर्स को दे देती है।

PIB फैक्ट चेक ने खोली पोल, बताए RBI के असली नंबर

सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक इकाई, पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक ने इस पूरे मामले की पड़ताल कर इसे पूरी तरह से फर्जी और धोखाधड़ी का जरिया करार दिया है। पीआईबी ने साफ किया है कि फ्रॉडस्टर्स इस तरह के मैसेज भेजकर आपकी संवेदनशील बैंकिंग और निजी जानकारी चुराना चाहते हैं।

महत्वपूर्ण जानकारी:

RBI व्हाट्सऐप पर आम जनता से सीधे कम्युनिकेट करने के लिए केवल ब्लू टिक (Verified) वाले दो नंबरों का ही इस्तेमाल करता है:

99309 91935

99990 41935

इन दो नंबरों के अलावा किसी भी अन्य नंबर से आने वाला दावा पूरी तरह फर्जी है। प्रामाणिक जानकारी के लिए हमेशा रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

साइबर ठगी से बचने के लिए 'सुरक्षा मंत्र'

सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर चल रहे इस तरह के स्कैम से खुद को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा विशेषज्ञों और सरकार ने कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:

अनजान फाइल्स से दूरी: किसी भी अनजान नंबर से आई APK फाइल या ऐप को फोन में कभी भी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।

लिंक्स पर क्लिक न करें: व्हाट्सऐप, एसएमएस या ईमेल पर मिलने वाले किसी भी संदिग्ध या लुभावने लिंक पर टैप करने से बचें।

गोपनीयता बनाए रखें: कोई भी सरकारी विभाग या बैंक कभी भी व्हाट्सऐप या फोन कॉल पर आपकी पर्सनल, बैंकिंग या फाइनेंशियल डिटेल्स (जैसे OTP, पासवर्ड, पिन, सीवीवी) नहीं मांगता।

अपडेटेड रहें: अपने स्मार्टफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) और सभी बैंकिंग व डिजिटल वॉलेट ऐप्स को हमेशा लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच के साथ अपडेट रखें।

सतर्कता ही सुरक्षा है: यदि आपके पास ऐसा कोई मैसेज आता है, तो घबराने के बजाय तुरंत उस नंबर को ब्लॉक और रिपोर्ट करें, ताकि अन्य लोग इस जालसाजी का शिकार होने से बच सकें।

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