अमेरिका-ईरान शांति समझौते से तेहरान को ₹25 लाख करोड़ का पुनर्निर्माण पैकेज, तेल प्रतिबंधों से मिलेगी मुक्ति!

4 महीने के युद्ध के बाद महाशक्ति झुकी; ईरान को मिलेगी $24 अरब की फ्रीज संपत्ति, 30 दिनों में अमेरिकी नौसेना हटाएगी समुद्री नाकेबंदी।

15 Jun 2026  |  117

 

 

वाशिंगटन / तेहरान:

पश्चिम एशिया में पिछले चार महीनों से जारी भीषण सैन्य संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में दुनिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलता सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक प्रारंभिक शांति समझौते (प्रपोजल) पर सहमति बन गई है। ईरान की अर्ध-सरकारी 'मेहर न्यूज एजेंसी' द्वारा लीक किए गए 14 बिंदुओं वाले इस गोपनीय मसौदे के अनुसार, इस ऐतिहासिक डील के बदले तेहरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अभूतपूर्व और बड़ी वित्तीय राहतें मिलने जा रही हैं।

हालांकि समझौते के सभी बिंदुओं पर अभी अंतिम आधिकारिक मुहर लगनी बाकी है, लेकिन इस मसौदे ने साफ कर दिया है कि वैश्विक महाशक्तियां अब इस युद्ध को हर हाल में रोकना चाहती हैं।

ईरान के लिए खुला खजाना: $300 अरब की मदद और $24 अरब की रिहाई

लीक हुए मसौदे के अनुसार, अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी देश युद्ध से तबाह हुए ईरान को दोबारा खड़ा करने के लिए 300 अरब डॉलर (लगभग ₹25 लाख करोड़ रुपये) का एक विशाल 'पुनर्निर्माण पैकेज' देंगे।

इसके अलावा:

फ्रीज संपत्ति की वापसी: विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बैंकों और विदेशों में फंसी ईरान की 24 अरब डॉलर (लगभग ₹2 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति को तुरंत रिलीज (मुक्त) किया जाएगा।

बातचीत से पहले भुगतान: मेहर न्यूज का दावा है कि मुख्य और अंतिम बातचीत की मेज पर बैठने से पहले ही इस फ्रीज की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा ईरान को सौंप दिया जाएगा।

हटेगी अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी, खुलेगा 'होर्मुज' का रास्ता

यह समझौता वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए सबसे बड़ी संजीवनी साबित होने वाला है।

30 दिनों की समयसीमा: समझौते के तहत अमेरिका अगले 30 दिनों के भीतर ईरान के सभी बंदरगाहों से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) को पूरी तरह हटा लेगा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहाल: इसके बदले में ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक समुद्री रास्ते 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोल देगा।

तेल प्रतिबंधों का खात्मा: ईरान के तेल और ऊर्जा क्षेत्र पर लगे सभी कड़े प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे, जिससे वह दोबारा वैश्विक बाजार में खुलकर कच्चे तेल का निर्यात कर सकेगा।

यूरोपीय देश भी साथ, UNSC की मंजूरी की तैयारी

अमेरिका के अलावा यूरोप के प्रमुख देशों— ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने भी संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित रखने की शर्तों का ईमानदारी से पालन करता है, तो वे भी सभी प्रतिबंध हटाने के लिए तैयार हैं। इस अंतिम समझौते को कानूनी रूप देने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक विशेष प्रस्ताव लाकर इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने की कोशिश की जा रही है।

प्रस्तावित महाडील की 5 मुख्य शर्तें: एक नज़र में

क्रमांकअमेरिका और सहयोगियों के वादेईरान की शर्तें और वादे
1.ईरान के पुनर्निर्माण के लिए $300 अरब की वित्तीय मदद।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नाकेबंदी हटाकर व्यापार शुरू करना।
2.विदेशों में फ्रीज $24 अरब की ईरानी संपत्ति को मुक्त करना।परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण और शर्तों को मानना।
3.30 दिनों के भीतर ईरान के बंदरगाहों से अमेरिकी नौसेना को हटाना।अंतिम बातचीत से पहले कम से कम आधी फंसी रकम वापस मिलना।
4.ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल न देना और सैन्य मौजूदगी न बढ़ाना।क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों पर हमले पूरी तरह रोकना।

 

अभी भी कई बड़े मुद्दों पर फंसा है पेंच

भले ही प्रारंभिक मसौदा तैयार हो गया हो, लेकिन अंतिम समझौते की राह में अब भी कई पेचीदा सवाल खड़े हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान लंबे समय तक अपने परमाणु कार्यक्रम पर बेहद सख्त अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण स्वीकार करे, जबकि ईरान की पहली प्राथमिकता प्रतिबंधों से पूर्ण मुक्ति और अपनी पूरी फंसी हुई रकम की तत्काल वापसी है।

यही वजह है कि दोनों देशों के राजनयिकों के लिए आगामी 60 दिनों की अंतिम बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जा रहा है।

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