दिल्ली एयरपोर्ट पर बांग्लादेशी पीएम के सलाहकार को रोके जाने से कूटनीतिक रार: ढाका में भारतीय उप-उच्चायुक्त तलब, विदेश मंत्री बोले- 'दुर्भाग्यपूर्ण'

शेख हसीना के प्रत्यर्पण और सीमा विवाद के बीच एक और कूटनीतिक तनाव; कॉन्फ्रेंस के लिए आए रणनीति सलाहकार जाहिद उर रहमान से एयरपोर्ट पर हुई घंटों पूछताछ; बांग्लादेश ने जताई कड़ी नाराजगी।

16 Jun 2026  |  112

 

 

ढाका / नई दिल्ली।

पड़ोसी देश भारत और बांग्लादेश के बीच एक नया और गंभीर कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के एक वरिष्ठ व रणनीति सलाहकार को दिल्ली हवाई अड्डे पर रोके जाने और उनसे लंबी पूछताछ किए जाने से बांग्लादेश सरकार बेहद नाराज है। इस घटना के विरोध में ढाका में तैनात भारत के उप-उच्चायुक्त पवन बधे को सोमवार देर रात बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय द्वारा तलब (Summon) किया गया और औपचारिक रूप से अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई।

इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने इसे पूरी तरह 'अवांछित और दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया है।

एयरपोर्ट पर घंटों तक चली पूछताछ

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश सरकार के रणनीति सलाहकार जाहिद उर रहमान एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे। जैसे ही उनका विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, भारतीय आव्रजन (Immigration) और सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें वहीं रोक लिया। बताया जा रहा है कि उन्हें एयरपोर्ट के एक विशेष हिस्से में रखकर कई घंटों तक गहन पूछताछ की गई। इस लंबी और अप्रत्याशित प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही उन्हें हवाई अड्डे से बाहर जाने और अपने गंतव्य की ओर बढ़ने की इजाजत दी गई।

इस संवेदनशील मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

पहले से जारी है दो बड़े मुद्दों पर गतिरोध

यह कूटनीतिक विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध पहले से ही बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश में हुए आम चुनावों में तारिक रहमान की जीत के बाद रिश्तों को सुधारने की कोशिशें तो हुईं, लेकिन दो मुख्य मुद्दों पर दोनों देश लगातार आमने-सामने बने हुए हैं:

1. पूर्व पीएम शेख हसीना का भारत में होना:

साल 2024 में बांग्लादेश में भड़के भीषण तख्तापलट और विरोध प्रदर्शनों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अचानक देश छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद से वे भारत में शरण लिए हुए हैं। बांग्लादेश की वर्तमान सरकार लगातार भारत से मांग कर रही है कि शेख हसीना को कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें सौंपा (प्रत्यर्पण) जाए, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच भारी कूटनीतिक खिंचाव है।

2. प्रवासियों और अवैध 'पुश-इन' का विवाद:

सीमा प्रबंधन को लेकर भी दोनों देशों में तल्खी बनी हुई है। बांग्लादेश का आरोप है कि भारतीय सुरक्षा बल बिना किसी तय कानूनी प्रक्रिया या दस्तावेजी सत्यापन के, बिना कागजात वाले प्रवासियों को जबरन सीमा पार बांग्लादेश की तरफ धकेलने (पुश-इन) का प्रयास कर रहे हैं। बांग्लादेशी सुरक्षा बलों का दावा है कि उन्होंने हाल के दिनों में भारतीय सीमा पर ऐसी कई कोशिशों को नाकाम किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से जारी इन विवादों के बीच प्रधानमंत्री के सलाहकार के साथ दिल्ली में हुआ यह वाकया दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों की खाई को और चौड़ा कर सकता है।

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