खरीफ बुवाई से पहले एमपी प्रशासन का बड़ा एक्शन: टीकमगढ़ में नकली सोयाबीन बीज के अवैध कारोबार का भंडाफोड़, 58 क्विंटल बीज और खाली बोरियां जब्त

किसानों के भरोसे से खिलवाड़! कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर मिनोरा की 'बालाजी बीज उत्पादक समिति' के गोदाम पर छापा; आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी।

16 Jun 2026  |  92

 

 

टीकमगढ़।

खरीफ सीजन की बुवाई शुरू होने से ठीक पहले, किसानों को नकली और अमानक बीज थमाकर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ टीकमगढ़ जिला प्रशासन ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। जिले के कुंडेश्वर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मिनोरा में कथित रूप से नकली सोयाबीन बीज की पैकिंग कर उसे बाजार में खपाने की शिकायत पर प्रशासन ने छापामार कार्रवाई की है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने 'बालाजी बीज उत्पादक समिति' के गोदाम पर छापा मारकर भारी मात्रा में संदिग्ध बीज और नामी कंपनियों की पैकिंग सामग्री जब्त की है।

कलेक्टर के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम ने बोला धावा

कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन को पिछले कुछ दिनों से लगातार खुफिया शिकायतें मिल रही थीं कि कुंडेश्वर क्षेत्र की कुछ बीज समितियां आगामी सीजन को देखते हुए नकली बीज तैयार कर रही हैं। अन्नदाताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने जिला कृषि विभाग के अधिकारियों को शामिल कर एक विशेष जांच दल का गठन किया। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मिनोरा स्थित बालाजी बीज उत्पादक समिति के गोदाम पर अचानक धावा बोल दिया।

मौके पर चल रही थी पैकिंग, 58 क्विंटल सोयाबीन जब्त

जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक, जब जांच टीम गोदाम के भीतर पहुंची तो वहां बड़े पैमाने पर सोयाबीन बीज की पैकिंग का काम चल रहा था। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से एक निजी नामी कंपनी के नाम की 258 खाली बोरियां बरामद कीं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर इस अवैध बीज को ब्रांडेड बताकर पैक करने में किया जाना था। इसके अलावा, अधिकारियों ने गोदाम में मौजूद करीब 58 क्विंटल संदिग्ध सोयाबीन बीज को भी अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।

लाइसेंस और रिकॉर्ड न मिलने पर घिरी समिति, दर्ज होगी FIR

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान जब समिति से पिछले वर्ष के सोयाबीन उत्पादन और स्टॉक का रिकॉर्ड मांगा गया, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज या रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके। रिकॉर्ड न होने से बीज की प्रामाणिकता और वैधता पर गहरा संदेह पैदा हो गया है।

होगी सख्त कानूनी कार्रवाई:

जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित समिति और इसके संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कड़ी कानूनी (F.I.R.) कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

समिति ने आरोपों को नकारा, कहा— 'घर का अनाज है'

दूसरी ओर, इस पूरी कार्रवाई को लेकर बालाजी बीज उत्पादक समिति (मिनोरा) के प्रतिनिधि राजेंद्र दीक्षित ने प्रशासन के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि गोदाम में रखा गया सोयाबीन उनके खुद के घर की उपज (अनाज) था और वहां किसी भी प्रकार की नकली बीज की पैकिंग नहीं हो रही थी। उन्होंने गोदाम में खाली बोरियां मिलने की बात तो स्वीकारी, लेकिन कहा कि इनका इस्तेमाल किसी अवैध काम के लिए नहीं किया जा रहा था। राजेंद्र दीक्षित ने कहा कि वह इस मामले में अपनी बेगुनाही के सबूत और लिखित दस्तावेज लेकर जल्द ही कलेक्टर से मुलाकात करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे।

किसानों में मची खलबली, कृषि विभाग ने जारी की एडवायजरी

बुवाई के ठीक पहले हुई इस बड़ी छापामार कार्रवाई के बाद जिले के किसानों के बीच हड़कंप और चर्चा का माहौल है। नकली बीज के इस नेटवर्क के सामने आने के बाद कृषि विभाग ने किसानों के लिए सतर्कता एडवायजरी जारी की है। विभाग ने अपील की है कि किसान अपनी मेहनत की कमाई को ठगों से बचाने के लिए केवल शासकीय एवं अधिकृत (लाइसेंस धारी) विक्रेताओं से ही प्रमाणित (Certified) बीज खरीदें और पक्का बिल जरूर लें। साथ ही, कहीं भी संदिग्ध बीज निर्माण या बिक्री दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

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