भोपाल।
मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। राज्य में इसी हफ्ते मानसून दस्तक देने जा रहा है, लेकिन उससे ठीक पहले प्रदेश के एक बड़े हिस्से में प्री-मानसून गतिविधियों ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग (IMD) ने आज (मंगलवार) राजधानी भोपाल और ग्वालियर समेत प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी और तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में अब भी मौसम शुष्क है और लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं।
इन जिलों में जारी हुआ 'येलो अलर्ट'
मौसम विभाग के अनुसार, आज मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। जिन प्रमुख जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
भोपाल, ग्वालियर, देवास, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, खंडवा, दतिया, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, डिंडौरी, सागर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, पन्ना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पांढुर्णा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जिलों के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने की भी प्रबल आशंका है।
21 जून तक सक्रिय रहेगा मौसम का यह मिजाज
आईएमडी (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 से 21 जून के दौरान पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी कुछ जगहों पर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। विशेषकर 16 से 19 जून के बीच पूरे मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज अंधड़ चलने की स्थितियां बनी रहेंगी।
सुरक्षा सर्वोपरि: मौसम विभाग ने जारी की गाइडलाइन
आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों, पशुपालकों और गर्मी से परेशान लोगों के लिए महत्वपूर्ण एडवायजरी जारी की है:
1. आम नागरिकों के लिए जरूरी बातें:
घर के भीतर रहें: गरज-चमक और आंधी के दौरान घरों में ही रहें। यदि आप बाहर हैं, तो भूलकर भी पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: बिजली गिरने के खतरे से बचने के लिए टीवी, फ्रिज और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग सॉकेट से निकाल दें।
खुले मैदानों से दूरी: तूफान के समय खुले खेतों या मैदानों में काम करने से बचें। कंक्रीट की दीवारों का सहारा लेने या कंक्रीट के फर्श पर लेटने से भी परहेज करें।
वाहन चलाते समय सावधानी: तेज हवाओं के दौरान वाहन की रफ्तार धीमी रखें और स्टीयरिंग पर मजबूत पकड़ बनाए रखें।
2. पशुपालकों के लिए विशेष सलाह:
सुरक्षित शेड: रात के समय और आंधी-तूफान के दौरान सभी पशुओं को सुरक्षित और पक्के शेड में बांधें। इन्हें पेड़ों के नीचे बिल्कुल न बांधें।
नदी-तालाबों से दूर रखें: आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए पशुओं को खुले मैदान, तालाब या नदी जैसे जल स्रोतों के पास न छोड़ें।
चराई का समय: दोपहर की तेज धूप और गर्मी के समय पशुओं को खुली चराई के लिए बाहर न ले जाएं। उनके लिए पर्याप्त पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था करें।
3. भीषण गर्मी से बचाव के उपाय:
हाइड्रेटेड रहें: शरीर में पानी की कमी न होने दें, लगातार पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
धूप से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तीखी होती है, बिना वजह बाहर निकलने से बचें।
पहनावा: धूप में बाहर निकलते समय हमेशा हल्के रंग के, ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें और अपने सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें।