शिवसेना (UBT) में फिर बड़ी बगावत के आसार? 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल!

7 सांसद और 16 विधायक पाला बदलने को तैयार! शिंदे गुट का दावा—'बातचीत अंतिम दौर में', उद्धव खेमे ने कहा—पार्टी पूरी तरह एकजुट।

16 Jun 2026  |  88

 

 

मुंबई: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर भारी उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पार्टी के कई शीर्ष नेता और जनप्रतिनिधि एक बार फिर पाला बदल सकते हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एमएलसी कृपाल तुमाने के एक चौंकाने वाले दावे ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है।

'शिंदे की नीतियों से प्रभावित हैं सांसद और विधायक'

एमएलसी कृपाल तुमाने ने दावा किया है कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से सात सांसद और कम से कम 16 विधायक एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। तुमाने ने कहा, "ये सभी सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित करने के लिए शिंदे जी की नीतियों के अनुसार काम करना चाहते हैं। उद्धव गुट के भीतर भारी असंतोष और नाराजगी है। उनके साथ हमारी बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द ही वे पाला बदल सकते हैं।"

इस बीच महाराष्ट्र के मंत्री सरनाइक ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिवसेना के संस्थापक स्वर्गीय बाल ठाकरे के आदर्शों और मुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व में विश्वास रखने वाले किसी भी व्यक्ति का पार्टी में स्वागत है। उन्होंने कहा, "अगर जन प्रतिनिधियों को अपने मौजूदा नेतृत्व पर भरोसा नहीं है, तो हमारे दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं।"

बैठक में 'शारीरिक' गैरहाजिरी ने दी हवा

इस पूरे विवाद की जड़ रविवार को उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' पर बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक से जुड़ी है। खबरों के मुताबिक, पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से केवल 4 सांसद (अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल) ही व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे।

हालाँकि, यवतमाल-वाशिम से सांसद संजय देशमुख सहित अन्य सांसदों ने वर्चुअल माध्यम या फोन से जुड़ने की बात कही, लेकिन सोमवार को संजय देशमुख की दिल्ली में शिंदे गुट के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से हुई मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।

उद्धव गुट का पलटवार: 'अफ़वाहों में कोई दम नहीं'

दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) के दिग्गज नेता और सांसद संजय राउत ने 'ऑपरेशन टाइगर' की सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी पूरी तरह से 'अक्षुण्ण, एकजुट और मजबूत' है। बैठक को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सांसद नहीं आ सके, वे तकनीकी रूप से जुड़े हुए थे।

"कल का पता नहीं..." — सांसद वाकचौरे के बयान ने बढ़ाई सस्पेंस शिर्डी से शिवसेना (यूबीटी) के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने भी इन खबरों को महज अफवाह बताया, लेकिन उनके एक बयान ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। वाकचौरे ने कहा, "आज मैं यूबीटी के साथ खड़ा हूं। कल के बारे में कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि मैं कोई भविष्यवक्ता नहीं हूं।" उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में सस्पेंस को और गहरा कर दिया है।

आगे क्या?

यदि शिंदे गुट के ये दावे सच साबित होते हैं, तो यह बाल ठाकरे द्वारा स्थापित मूल पार्टी के अस्तित्व और महाराष्ट्र के आगामी राजनीतिक समीकरणों को हमेशा के लिए बदल कर रख देगा। फिलहाल, दोनों ही खेमे अपनी-अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं और आने वाले दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं।

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