शिवसेना (UBT) में महाबगावत की आहट! दिल्ली पहुंचे 6 सांसद, संजय राउत का आरोप- '15-15 करोड़ का मिला एडवांस'

'ऑपरेशन टाइगर' से थर्राई उद्धव की सेना; क्या शिंदे गुट में शामिल होकर इतिहास दोहराएंगे बागी सांसद?

17 Jun 2026  |  78

 

 

नई दिल्ली/मुंबई:

महाराष्ट्र की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची हलचल के बाद, अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में एक बहुत बड़ी टूट का अंदेशा गहरा गया है। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद मंगलवार रात एक चार्टर्ड विमान से गुपचुप तरीके से दिल्ली पहुंच चुके हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये बागी सांसद आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर एक नए गुट के रूप में मान्यता की मांग कर सकते हैं।

दिल्ली में महामंथन, शिंदे गुट की प्रेस कॉन्फ्रेंस जल्द

सियासी गलियारों में चर्चाएं तब और तेज हो गईं जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे भी दिल्ली पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, इन बागी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक सांसद श्रीकांत शिंदे के दिल्ली स्थित आवास पर होने की संभावना है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के तुरंत बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा सकता है, जिसमें आधिकारिक रूप से इस पाला-बदल की घोषणा की जाएगी।

गौरतलब है कि शिवसेना (शिंदे गुट) के एमएलसी कृपाल तुमाने ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए दावा किया था कि 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत इन सांसदों से पिछले एक महीने से लगातार बातचीत चल रही थी, जो अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

संजय राउत का तीखा हमला: 'अपना सपना मनी-मनी'

इस संभावित बगावत पर उद्धव गुट के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि पहले उन्होंने इन खबरों को महज अफवाह बताया था, लेकिन अब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्फोटक पोस्ट साझा किया है।

संजय राउत ने लिखा:

"अपना सपना मनी मनी। महाराष्ट्र के सांसदों को आज रात पार्टी बदलने के लिए 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए जा रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक है।"

राउत के इस आरोप ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

'जिसको जाना है, खुशी-खुशी जाए' – उद्धव ठाकरे

इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे का रुख बेहद सख्त और स्पष्ट नजर आ रहा है। पूर्व में बगावत के अंदेशे पर बात करते हुए ठाकरे ने कहा था कि उन्हें पहले से ही इन गतिविधियों की भनक थी, लेकिन वह किसी पर दबाव बनाने के पक्ष में नहीं हैं।

उद्धव ठाकरे ने कड़े शब्दों में कहा था:

"जिसको जाना है, वह खुशी-खुशी जा सकता है। मैंने किसी को जबरदस्ती रोकने की कोशिश नहीं की है। लेकिन एक बात याद रहे, जो लोग भी आदरणीय बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को छोड़कर गद्दारी कर रहे हैं, उन्हें भविष्य में भारी पछतावा होगा।"

आगे क्या?

यदि ये 6 सांसद आज लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर शिंदे गुट का दामन थाम लेते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा रणनीतिक और मानसिक झटका होगा। अब सभी की नजरें दिल्ली में होने वाली इस संभावित प्रेस कॉन्फ्रेंस और लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी हैं।

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