बांग्लादेश में फिर टारगेट पर हिंदू: कट्टरपंथियों की धमकी के बाद रंगपुर में रुकी भगवान राम की मूर्ति का निर्माण

'बुलडोजर से तोड़ देंगे मूर्ति'; कट्टरपंथी संगठन के अल्टीमेटम और हिंसा के खौफ से थमा मंदिर का काम, दहशत में अल्पसंख्यक।

17 Jun 2026  |  88

 

 

 

ढाका/रंगपुर:

पड़ोसी देश बांग्लादेश में तख्तापलट और शेख हसीना सरकार के हटने के बाद से ही अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और प्रताड़ना का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एक नया और चिंताजनक मामला रंगपुर संभाग के पलाशबाड़ी इलाके से सामने आया है। यहाँ कट्टरपंथियों के भारी दबाव और खुलेआम दी गई धमकियों के बाद भगवान राम की एक निर्माणाधीन मूर्ति का काम बीच में ही रोक देना पड़ा है। इलाके में तनाव का माहौल है और हिंदू समुदाय गहरे खौफ में है।

'इंसाफ कायमकारी' संगठन की खुली धमकी, प्रशासन को अल्टीमेटम

इस पूरे विवाद के पीछे 'इंसाफ कायमकारी छात्र श्रमिक जनता' नामक एक कट्टरपंथी संगठन का हाथ बताया जा रहा है। इस संगठन से जुड़े एक उपदेशक ने सोशल मीडिया पर बेहद भड़काऊ बयान जारी कर इस निर्माणाधीन मूर्ति को निशाना बनाया।

वायरल वीडियो में कट्टरपंथी उपदेशक ने मांग की कि पलाशबाड़ी में बन रही भगवान राम की मूर्ति को तुरंत बुलडोजर से ढहा दिया जाए। इतना ही नहीं, उसने स्थानीय प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि सरकार ने खुद इस मूर्ति को नहीं हटाया, तो आम जनता सड़कों पर उतरकर इसे जबरन तोड़ देगी। इस उपदेशक ने अपने भाषणों में न केवल धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की, बल्कि भारत और दक्षिण एशियाई देशों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भी कई आपत्तिजनक बातें कहीं।

शांति और समाज के हित के लिए मंदिर समिति ने पीछे खींचे कदम

कट्टरपंथियों की इस खतरनाक चेतावनी के बाद इलाके में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने का खतरा पैदा हो गया था। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने भारी मन से यह बड़ा फैसला लिया:

निर्माण कार्य स्थगित: मंदिर समिति ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए फिलहाल निर्माण कार्य को रोक दिया गया है।

भविष्य की रणनीति: मंदिर समिति के एक सदस्य ने मीडिया को बताया, "हमने समाज और देश के व्यापक हित को देखते हुए यह कदम उठाया है। भविष्य में यदि परिस्थितियां अनुकूल हुईं, तो हम सभी पक्षों की बैठक बुलाएंगे और उनके सुझावों के बाद ही काम दोबारा शुरू करने पर विचार किया जाएगा।"

बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार बढ़ रहे हैं हमले

यह घटना कोई अकेली वारदात नहीं है, बल्कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे सुनियोजित हमलों का हिस्सा है। राजनीतिक अस्थिरता के बाद से ही उपद्रवी तत्वों ने हिंदू समाज को सॉफ्ट टारगेट बना रखा है। हालिया महीनों में हुई देशव्यापी हिंसा में कई निर्दोष हिंदुओं को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि सैकड़ों घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और ऐतिहासिक मंदिरों को उपद्रवियों द्वारा आग के हवाले किया गया या तोड़फोड़ की गई। इस ताजा घटना ने बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं के भीतर असुरक्षा और डर की भावना को और ज्यादा गहरा कर दिया है।

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