MP में खिलाड़ियों के लिए 'गोल्डन चांस': पुलिस विभाग में होगी सीधी भर्ती, बिना लिखित परीक्षा और दौड़ के बनेंगे SI और कांस्टेबल

मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला; शैक्षणिक और शारीरिक मापदंडों में मिलेगी पूरी छूट, 'खेल कोटे' से हर साल निकलेंगी नौकरियां।

17 Jun 2026  |  92

 

 

भोपाल:

मध्य प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के करियर को नई उड़ान देने के लिए एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की 'सीधी भर्ती' की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत गृह विभाग ने विशेष तौर पर 10 उप-निरीक्षक (SI) और 50 आरक्षक (कांस्टेबल) के पद आरक्षित किए हैं।

इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए गृह विभाग ने 'मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021' में बड़े बदलाव करते हुए 15 जून को इसकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है।

अब दूसरे राज्यों का रुख नहीं करेंगे एमपी के लाल

सरकार के इस फैसले के बाद अब मध्य प्रदेश के होनहार खिलाड़ियों को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। सीएम डॉ. मोहन यादव की यह दूरदर्शी पहल खिलाड़ियों को उनके अपने ही राज्य में सम्मानजनक शासकीय सेवा और रोजगार सुरक्षा प्रदान करेगी। इससे वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने खेल प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक तैयारियों को निरंतर जारी रख सकेंगे। गृह विभाग अब खेल कोटे से इस भर्ती प्रक्रिया को नियमित रूप से हर साल आयोजित करेगा, जिससे राज्य में एक मजबूत खेल संस्कृति का निर्माण होगा।

नियमों में महा-छूट: न लिखित परीक्षा होगी, न शारीरिक टेस्ट

संशोधित नियमों के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को कई ऐतिहासिक और अभूतपूर्व रियायतें दी गई हैं:

मापदंडों में पूर्ण छूट: खेल के मैदान पर देश और राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मापदंड (जैसे ऊंचाई) में पूरी छूट दी जाएगी।

लिखित परीक्षा से मुक्ति: इन पदों के लिए खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET/दौड़-कूद) से नहीं गुजरना होगा।

अनारक्षित श्रेणी में भर्ती: उत्कृष्ट खिलाड़ियों की ये नियुक्तियां किसी जातिगत आरक्षित वर्ग के अंतर्गत न होकर सीधे अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में की जाएंगी।

मान्यता: केवल वही खेल विधाएं इस भर्ती में मान्य होंगी, जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों का हिस्सा रही हों।

जानिए, कौन बन सकेगा 'सब-इंस्पेक्टर' (SI) और 'आरक्षक'?

उप-निरीक्षक (SI) पद के लिए पात्रता:

इस प्रतिष्ठित पद पर केवल उन उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति मिलेगी जिन्होंने ओलंपिक खेल, एशियाई खेल (Asian Games), राष्ट्रमण्डल खेल (Commonwealth Games), या विश्व कप/विश्व चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व (सहभागिता) किया हो। इन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले और भाग लेने वाले खिलाड़ी इस पद के योग्य होंगे।

आरक्षक (कांस्टेबल) पद के लिए पात्रता:

सब-इंस्पेक्टर पद के लिए पात्रता रखने वाले सभी खिलाड़ी स्वतः ही आरक्षक पद के लिए भी पात्र माने जाएंगे।

इसके अलावा राष्ट्रीय खेलों (National Games) में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी।

सरकार द्वारा अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप (National Championship) में देश स्तर पर कोई भी पदक (गोल्ड, सिल्वर या ब्रॉन्ज) हासिल करने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद के हकदार होंगे।

मेरिट का निर्धारण:

यदि दो खिलाड़ियों के मेरिट अंक समान होते हैं, तो वरिष्ठता का फैसला उनके खेल के स्तर (जैसे ओलंपिक, एशियाई खेल, विश्व कप की प्राथमिकता) और खिलाड़ी की आयु (उम्र में बड़े खिलाड़ी को प्राथमिकता) के आधार पर किया जाएगा। हर साल पुलिस मुख्यालय द्वारा इन रिक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किए जाएंगे।

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