अब मध्य प्रदेश की बारी: CM मोहन यादव का बड़ा एलान, इसी विधानसभा सत्र में आएगा UCC बिल

'बाबा महाकाल ने चाहा तो इसी सत्र में पारित होगा समान नागरिक संहिता विधेयक'; नीट (NEET) परीक्षा को लेकर भी सरकार अलर्ट, परीक्षार्थियों के लिए विशेष प्रबंध!

17 Jun 2026  |  91

 

कैचलाइन: 'बाबा महाकाल ने चाहा तो इसी सत्र में पारित होगा समान नागरिक संहिता विधेयक'; नीट (NEET) परीक्षा को लेकर भी सरकार अलर्ट, परीक्षार्थियों के लिए विशेष प्रबंध!

भोपाल।

उत्तराखंड के बाद अब मध्य प्रदेश में भी 'समान नागरिक संहिता' (UCC) लागू करने की उलटी गिनती शुरू हो गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा सियासी संकेत देते हुए एलान किया है कि राज्य सरकार विधानसभा के मौजूदा सत्र में ही यूसीसी विधेयक लाने की तैयारी कर रही है।

विधानसभा परिसर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कैलाशनाथ काट्जू की जन्मतिथि के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसी दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने यूसीसी को लेकर सरकार के इरादे साफ कर दिए।

'बाबा महाकाल की कृपा से इसी सत्र में पारित होगा विधेयक'

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूसीसी को लेकर बेहद सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा:

"विधानसभा के इसी सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश किया जाएगा। इसके अलावा सरकार सदन में कई अन्य महत्वपूर्ण और समसामयिक विषय भी लेकर आ रही है। बाबा महाकाल की कृपा रही तो यूसीसी विधेयक इसी सत्र में जरूर पारित हो जाएगा।"

अगर यह विधेयक इस सत्र में पारित हो जाता है, तो मध्य प्रदेश देश का ऐसा दूसरा भाजपा शासित राज्य बन जाएगा, जहाँ समान नागरिक संहिता को कानूनी रूप दिया जाएगा।

नीट (NEET) परीक्षा को लेकर सजग है मध्य प्रदेश सरकार

देशभर में चर्चा का विषय बनी नीट परीक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है। उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर बेहद गंभीर और सजग है।

मुख्यमंत्री ने सरकार की तैयारियों को लेकर निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:

केंद्र से निरंतर संपर्क: नीट परीक्षा के सुचारु और पारदर्शी आयोजन के लिए मध्य प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में बनी हुई है।

पारदर्शिता पर जोर: परीक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों पर विशेष तौर से ध्यान दिया जा रहा है।

परीक्षार्थियों को सुविधाएं: राज्य सरकार परीक्षार्थियों के आवागमन (ट्रांसपोर्ट) सहित अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए व्यापक प्रबंध कर रही है, ताकि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुँचने या किसी अन्य स्तर पर कोई असुविधा न हो।

सियासी हलचल तेज

मुख्यमंत्री के इस दोहरे एलान—एक तरफ यूसीसी जैसा बड़ा वैधानिक कदम और दूसरी तरफ छात्रों से जुड़ी नीट परीक्षा पर मुस्तैदी—ने मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विपक्ष की नजरें अब विधानसभा पटल पर आने वाले यूसीसी ड्राफ्ट पर टिकी हैं, वहीं छात्र वर्ग ने सरकार के नीट संबंधी प्रबंधों का स्वागत किया है।

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