सिलिकन वैली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। टेक अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने एआई कोडिंग प्लेटफॉर्म कर्सर (Cursor) का 60 अरब डॉलर (लगभग ₹5 लाख करोड़) में अधिग्रहण करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह वेंचर कैपिटल के इतिहास के सबसे बड़े सौदों में से एक माना जा रहा है।
इस ऐतिहासिक डील को एलन मस्क की एआई रणनीति के लिए एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, जिससे वे माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसे दिग्गजों को सीधी चुनौती देंगे।
भारतीय मूल के 25 वर्षीय अमन सांगर ने रचा इतिहास
इस महा-डील के केंद्र में हैं भारतीय मूल के 25 वर्षीय युवा उद्यमी अमन सांगर। अमन सांगर और उनके एमआईटी (MIT) के साथियों—माइकल ट्रुएल, सुआलेह आसिफ और आर्विड लुनेमार्क ने साल 2022 में कर्सर की शुरुआत की थी।
फाउंडर्स बने अरबपति: कर्सर की पैरेंट फर्म 'एनीस्फीयर' ने पिछले साल ही 30 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल किया था, जिसने इसके फाउंडर्स को अरबपतियों की सूची में शामिल कर दिया।
दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता स्टार्टअप: कर्सर वर्तमान में 2.6 अरब डॉलर का वार्षिक B2B राजस्व कमा रही है। इसे एनविडिया, गूगल और एक्सेल जैसे बड़े दिग्गजों से 3.3 अरब डॉलर की फंडिंग पहले ही मिल चुकी है।
माइक्रोसॉफ्ट के 'कोपायलट' को मिलेगी टक्कर
कर्सर एक बेहद लोकप्रिय एआई कोडिंग असिस्टेंट है, जो खुद को एक 'मॉडल एग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म' के रूप में पेश करता है (यानी यूजर अपनी पसंद का कोई भी एआई सिस्टम चुन सकते हैं)। इस डील के बाद स्पेसएक्स को कोडिंग टूल्स के क्षेत्र में अभूतपूर्व बढ़त मिलेगी।
| कर्सर प्लेटफॉर्म के मुख्य आंकड़े | विवरण |
|---|---|
| डेली एक्टिव यूजर्स | ~ 10 लाख |
| पेड सब्सक्राइबर्स | 3.6 लाख |
| प्रमुख कॉरपोरेट क्लाइंट्स | ब्रिटिश एयरवेज, बीपी, नोकिया, सनोफी |
| मुख्य प्रतिस्पर्धी | माइक्रोसॉफ्ट गिटहब कोपायलट, ओपनएआई, गूगल एआई |
भारत कर्सर के लिए एक अहम बाजार
शुरुआत में मैकेनिकल इंजीनियरिंग ट्रेनिंग मॉडल पर काम करने वाली इस कंपनी ने बाद में कोडिंग टूल्स की तरफ रुख किया। अमन सांगर के मुताबिक, भारत कर्सर के लिए दुनिया का दूसरा या तीसरा सबसे बड़ा बाजार है और कंपनी भारतीय एंटरप्राइज ग्राहकों पर विशेष ध्यान दे रही है।
डील से स्पेसएक्स को क्या होगा फायदा?
यह सौदा पूरी तरह से ऑल-स्टॉक (All-Stock Deal) है। स्पेसएक्स और कर्सर के बीच पिछले कई महीनों से बातचीत चल रही थी।
बड़ी बढ़त: इस अधिग्रहण के बाद कर्सर को स्पेसएक्स के विशाल कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सुपरकंप्यूटर तक पहुंच मिलेगी, जिससे इसके एआई मॉडल्स के विकसित होने की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।
शेयर बाजार में उत्साह: इस ऐतिहासिक सौदे की खबर आते ही बाजार में स्पेसएक्स के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। शुरुआती कारोबार में ही स्पेसएक्स का शेयर 14 फीसदी उछलकर 222.33 डॉलर पर पहुंच गया। इस डील ने साफ कर दिया है कि एलन मस्क अब एआई की रेस में सबसे आगे निकलने की तैयारी कर चुके हैं।