नई दिल्ली।
अंतरिक्ष से इंटरनेट (सैटेलाइट ब्रॉडबैंड) की दुनिया में अब तक दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की कंपनी 'स्टारलिंक' का एकछत्र दबदबा रहा है। लेकिन अब मस्क के इस साम्राज्य को भारत के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) से कड़ी टक्कर मिलने वाली है। रिलायंस जियो जल्द ही स्पेस में अपने 1,650 सैटेलाइट्स का एक विशाल नेटवर्क भेजने की तैयारी में जुट गई है।
इकनॉमिक टाइम्स की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस जियो अगले 2 से 3 सालों के भीतर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और 'डायरेक्ट-टू-डिवाइस' (सीधे मोबाइल पर इंटरनेट) सेवाएं देने के लिए पृथ्वी की निचली कक्षा यानी लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 1600 से 1650 सैटेलाइट्स का एक बड़ा कॉन्स्टेलेशन (नेटवर्क) लॉन्च करने की योजना बना रही है। ये सैटेलाइट्स जमीन से करीब 650 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किए जाएंगे।
स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe को सौंपा प्रस्ताव
जियो ने इस महा-प्रोजेक्ट के लिए भारत के स्पेस रेगुलेटर 'इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर' (IN-SPACe) के पास अपना आधिकारिक प्रस्ताव सौंप दिया है। वर्तमान में रेगुलेटर इस प्रोजेक्ट के कॉन्फ़िगरेशन और टेक्निकल आर्किटेक्चर (तकनीकी ढांचे) की बारीकी से जांच कर रहा है।
रणनीतिक कदम: राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सेक्टर में कदम रखने वाली जियो पहली भारतीय कंपनी बनने जा रही है। यह कदम देश के लिए रणनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है:
विदेशी निर्भरता होगी खत्म: राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच भारत सरकार अंतरिक्ष और डेटा सुरक्षा के लिए विदेशी सैटेलाइट कंपनियों पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है।
सरकार का खुला समर्थन: सूत्रों के मुताबिक, चूंकि एक भारतीय कंपनी इस रणनीतिक सेक्टर में कदम रख रही है, इसलिए सरकार इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के पास ऑर्बिटल स्लॉट (अंतरिक्ष में जगह) हासिल करने के लिए जियो की मदद करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सरकार अन्य इच्छुक भारतीय कंपनियों को भी यह सहयोग देगी।
अंतरिक्ष में महामुकाबला: कौन कहाँ खड़ा है?
सैटेलाइट इंटरनेट के इस उभरते हुए ग्लोबल मार्केट में दुनिया की दिग्गज कंपनियों के बीच होड़ मची हुई है:
| कंपनी / समूह | सैटेलाइट्स की मौजूदा / प्रस्तावित संख्या | ऑर्बिट का प्रकार (Orbit Type) |
|---|---|---|
| स्टारलिंक (एलन मस्क) | ~10,000 सैटेलाइट्स (वर्तमान में सबसे आगे) | LEO (लो अर्थ ऑर्बिट) |
| अमेज़न (जेफ बेजोस) | ~3,200 सैटेलाइट्स (300+ लॉन्च हो चुके हैं) | LEO (लो अर्थ ऑर्बिट) |
| Eutelsat OneWeb (भारती एयरटेल पार्टनर) | ~654 सैटेलाइट्स | LEO (लो अर्थ ऑर्बिट) |
| रिलायंस जियो (मुकेश अंबानी) | 1,600 से 1,650 सैटेलाइट्स (प्रस्तावित) | LEO (लो अर्थ ऑर्बिट) |
जियो का मौजूदा नेटवर्क: वर्तमान में रिलायंस जियो का लक्जमबर्ग की कंपनी 'SES' के साथ एक जॉइंट वेंचर (Jio Space Technology) है। इस वेंचर के पास जियोस्टेशनरी (GEO) और मीडियम अर्थ ऑर्बिट (MEO) में तो सैटेलाइट्स हैं, लेकिन अब LEO में खुद का नेटवर्क बनाकर जियो भारतीय और वैश्विक बाजार में एक नया गेमचेंजर साबित होने की तैयारी में है।