अयोध्या/लखनऊ। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के चढ़ावे और दान में हुई कथित हेरफेर का मामला गहराता जा रहा है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब 'इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन' (IBJA) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन का दावा है कि श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा से दी गई 60 किलो चांदी की ईंटों और अखंड ज्योति के दीपक का कोई हिसाब नहीं मिल रहा है। इस खुलासे के बाद से मंदिर निर्माण के समय दान देने वाले श्रद्धालु खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
"गायब हो गईं नाम-गोत्र अंकित चांदी की ईंटें"
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने इस पूरे मामले की परतें खोलते हुए कई सनसनीखेज दावे किए हैं:
60 किलो चांदी का संग्रह: देशभर के छोटे-बड़े सर्राफा व्यापारियों ने 10-10 और 20-20 ग्राम चांदी भेजकर करीब 60 किलो चांदी जुटाई थी। इसे गलाकर 1-1 किलो की ईंटें बनाई गईं, जिन पर बाकायदा दानदाताओं के नाम और गोत्र लिखे थे।
ट्रस्टियों को सौंपी गई थी खेप: 20 जुलाई 2020 को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की सहमति के बाद ये ईंटें अयोध्या की रामकचहरी में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और कैशियर प्रकाश गुप्ता की मौजूदगी में सौंपी गई थीं, जिसकी रसीद और शुद्धता प्रमाण पत्र भी मिला था।
अखंड ज्योति का दीपक भी नदारद: रस्तोगी का दावा है कि उन्होंने निजी तौर पर 1-1 किलो के दो चांदी के दीपक, दो कटोरे और नाग-नागिन का जोड़ा दिया था। प्राण प्रतिष्ठा के समय जिस दीपक में अखंड ज्योति जलती दिखी थी, वह और भोग के कटोरे अब मंदिर से गायब हैं। ऋषिकेश एसोसिएशन द्वारा दिया गया 1 किलो चांदी का कलश भी लापता बताया जा रहा है।
हाईकोर्ट पहुंची जंग, न्यायिक आयोग के गठन की मांग
चढ़ावे में हेरफेर के इस संवेदनशील मामले में अब कानूनी शिकंजा कसने लगा है। शनिवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है, जिसमें मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग गठित करने की मांग की गई है।
अधिवक्ता मोतीलाल यादव द्वारा दायर इस याचिका में राज्य सरकार, पुलिस महानिदेशक (DGP), अयोध्या के डीएम, एसएसपी और ट्रस्ट के सचिव को पक्षकार बनाया गया है। रजिस्ट्री अनुभाग के अनुसार, इस पीआईएल पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की पूरी संभावना है।
पुलिस का रुख: "SIT जांच पूरी होने तक अलग कार्रवाई नहीं"
इस बीच, अयोध्या के थाना राम जन्मभूमि पुलिस ने दान राशि और आभूषणों के प्रबंधन में गड़बड़ी की शिकायत पर अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि:
इस पूरे मामले की जांच पहले से ही विशेष जांच दल (SIT) कर रही है।
जब तक एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी नई या अलग पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।
शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया और समाचार पत्रों की खबरों के आधार पर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि एसआईटी की रिपोर्ट में केस दर्ज नहीं होता है, तो वह खुद आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे।
राजनीतिक गलियारों में उबाल: विपक्ष के तीखे बाण
इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है और विपक्षी दल ट्रस्ट व सरकार पर हमलावर हैं:
"अयोध्या का भंडाफोड़ अधर्मियों के शताब्दी समारोह को समाप्ति समारोह बना देगा।" — अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी (बिना नाम लिए आरएसएस पर निशाना)
"चढ़ावे में चोरी कोई सामान्य आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा पाप है। ऐसे लोगों को कानून से पहले अपनी अंतरात्मा और भगवान के सामने जवाब देना होगा। भगवान दोषियों को सजा अवश्य देगा।" — राजबब्बर, पूर्व सांसद व वरिष्ठ नेता