किसानों की चांदी! पीएम कुसुम योजना से डीजल-बिजली का खर्च होगा जीरो, बंजर जमीन से हर महीने होगी मोटी कमाई

खेतों में सिंचाई भी मुफ्त और सरकार को बिजली बेचकर 25 साल तक पक्की आमदनी; जानिए कैसे उठाएं इस सरकारी योजना का लाभ!

22 Jun 2026  |  151

 

 

 

नई दिल्ली। खेती-किसानी में लगातार बढ़ते बिजली और डीजल के खर्च से परेशान किसान भाइयों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए किसान न सिर्फ अपनी खेती के लिए मुफ्त बिजली पाएंगे, बल्कि खुद बिजली का उत्पादन करके उसे सरकार को बेच भी सकेंगे। यानी अब किसान अन्नदाता के साथ-साथ 'ऊर्जादाता' बनकर हर महीने मोटी कमाई कर सकते हैं।

इस महत्वाकांक्षी योजना को तीन अलग-अलग हिस्सों (कंपोनेंट्स) में बांटा गया है, जो किसानों को अलग-अलग तरह से फायदा पहुंचाते हैं:

1. कुसुम-A योजना: बंजर जमीन बनेगी कमाई का जरिया

अगर किसी किसान के पास ऐसी बंजर या अनुपयोगी जमीन है जिस पर खेती नहीं होती, तो वे वहां सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्लांट) लगवा सकते हैं।

25 साल की गारंटी: इस प्लांट से पैदा होने वाली बिजली को सरकारी बिजली कंपनी पूरे 25 साल तक खरीदेगी।

इसके लिए सरकार के साथ बकायदा एक समझौता (Power Purchase Agreement) होता है, जिससे किसानों को घर बैठे हर साल एक तय और पक्की आमदनी मिलने लगती है।

2. कुसुम-B योजना: सोलर पंप पर मिल रही है भारी सब्सिडी

यह योजना उन क्षेत्रों के लिए है जहां सिंचाई के लिए बिजली के कनेक्शन नहीं हैं और किसान डीजल पंपों पर निर्भर हैं। इसके तहत खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप दिए जाते हैं।

सामान्य किसानों को 60% की छूट: पंप की कुल लागत पर 30% केंद्र सरकार और 30% राज्य सरकार सब्सिडी देती है। किसान को सिर्फ 40% खर्च उठाना होता है।

ST वर्ग को 95% तक की छूट: अनुसूचित जनजाति (ST) के किसानों को इस योजना में 95% तक की भारी छूट दी जा रही है।

दिन में सिंचाई: दिन की धूप में यह पंप आसानी से चलता है, जिससे रात में जागकर सिंचाई करने की मजबूरी और डीजल का भारी-भरकम खर्च पूरी तरह खत्म हो जाता है।

3. कुसुम-C योजना: बची हुई बिजली बेचकर कमाएं मुनाफा

यह कंपोनेंट उन किसानों के लिए है जिनके पास पहले से ही बिजली से चलने वाला कृषि पंप मौजूद है।

इस योजना के तहत मौजूदा बिजली पंप को सोलर पैनल से जोड़ (सॉलाइजेशन) दिया जाता है।

किसान दिनभर अपनी जरूरत के मुताबिक खेतों की सिंचाई करता है और जो बिजली बच जाती है, उसे सरकारी ग्रिड को बेच देता है।

इसके इंस्टॉलेशन खर्च पर भी 30% की छूट मिलती है और 25 साल तक बिजली बेचने की गारंटी होती है।

कहां और कैसे करें आवेदन?

महत्वपूर्ण दस्तावेज: योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करते समय किसान के पास पहचान पत्र (जैसे कि सरकार द्वारा जारी वैध आईडी), समग्र आईडी, जमीन के दस्तावेज (खसरा-खतौनी), बैंक खाते की जानकारी और लिंक मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है।

इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। किसान भाई योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkusum.mnre.gov.in या मध्य प्रदेश के संदर्भ में mpuvn.mp.gov.in पर जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करा सकते हैं। अपने नजदीकी कृषि विभाग या कलेक्ट्रेट से भी इस संबंध में संपर्क किया जा सकता है।

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