उद्योगों के लिए बड़ी राहत: सरकार ने कमर्शियल LPG आपूर्ति से हटाए सभी क्षेत्रीय प्रतिबंध, थोक सप्लाई भी 50% बहाल

पश्चिम एशिया संकट के बाद पुराने स्तर पर लौटी गैस सप्लाई; पेट्रोकेमिकल सेक्टर्स को भी मिलेगा C3-C4 धाराओं का बढ़ा हुआ आवंटन, घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा कोई असर।

25 Jun 2026  |  136

 

 

नई दिल्ली।

देश के औद्योगिक और वाणिज्यिक (कमर्शियल) क्षेत्रों को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने औद्योगिक और वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए लागू सभी क्षेत्रीय प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। अब कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति को पश्चिम एशिया संकट से पहले के स्तर पर पूरी तरह बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही, संकट के समय पूरी तरह निलंबित कर दी गई थोक (Bulk) एलपीजी की आपूर्ति को भी 50 फीसदी तक बहाल कर दिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के इस कदम से देश भर के उद्योगों की परिचालन लागत (Operating Cost) कम होगी और विनिर्माण गतिविधियों को भारी बढ़ावा मिलेगा।

पश्चिम एशिया संकट के दौरान क्यों लगी थी पाबंदी?

बीते दिनों पश्चिम एशिया में उपजे भू-राजनीतिक संकट के दौरान देश में घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) की संभावित किल्लत से निपटने के लिए सरकार ने आपात कदम उठाए थे। 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के तहत विशेष आदेश जारी कर पेट्रोकेमिकल और अन्य अनुप्रवाह (Downstream) उद्योगों से C3-C4 धाराओं (एलपीजी बनाने के मुख्य घटक) को मोड़कर विशेष रूप से घरेलू एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने में लगा दिया गया था। इस नीति के कारण औद्योगिक और थोक गैस उपभोक्ताओं को सीमित आपूर्ति और कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

अब क्या बदलेगा? कैसे सुधरे हालात?

मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में स्वदेशी एलपीजी के उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इसके अलावा, विदेशी बाजारों से आयातित होने वाली एलपीजी खेपों की उपलब्धता भी अब पर्याप्त और अनुमान के मुताबिक बनी हुई है। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने निम्नलिखित राहतें दी हैं:

C3-C4 धाराओं का बढ़ा हुआ आवंटन: सरकार ने एलपीजी भंडार की तरफ मोड़ी जा रही C3-C4 धाराओं के अनुपात को अब कम करने का फैसला किया है। इससे पेट्रोकेमिकल जैसे अन्य संबंधित उद्योगों को कच्चा माल प्रचुर मात्रा में मिलेगा, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता (Production Capacity) में सुधार होगा।

बाजार में गैस की उपलब्धता: थोक और कमर्शियल सप्लाई सुचारू होने से बाजार में गैस की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत बरकरार: हर दिन होगा 40 हजार MT उत्पादन

आम उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय के मुताबिक, इस नीतिगत बदलाव से घरेलू रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता पर रत्ती भर भी नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। सरकार हमेशा की तरह घरेलू आपूर्ति को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखेगी। इसके लिए देश में कुल स्वदेशी एलपीजी उत्पादन को प्रतिदिन 40 हजार मीट्रिक टन से नीचे नहीं जाने दिया जाएगा। इस कड़े नियम से बाजार में संतुलन बना रहेगा और आम जनता को नियमित रूप से रसोई गैस सिलिंडर मिलते रहेंगे।

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