भोपाल: मध्य प्रदेश के किसानों और कृषि जगत के लिए एक बेहद गौरवशाली और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य की चार पारंपरिक और अनूठी फसलों—सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर और क्षत्रिय धान—को प्रतिष्ठित जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग प्रदान किया गया है।
इस जीआई टैग के मिलने से न सिर्फ इन पारंपरिक उपजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान और कानूनी संरक्षण मिलेगा, बल्कि बाजार में इनकी ब्रांड वैल्यू भी काफी बढ़ जाएगी। इससे बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा किसानों को बेहतर मूल्य और निर्यात (Export) के अवसरों के रूप में मिलेगा।
महाकौशल के आदिवासी अंचल को मिलेगा बड़ा फायदा
यह ऐतिहासिक उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि जीआई टैग पाने वाली ये चारों कृषि उपजें मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों, विशेषकर महाकौशल क्षेत्र से ताल्लुक रखती हैं।
जैव-विविधता का संरक्षण: इस फैसले से क्षेत्र की सदियों पुरानी पारंपरिक कृषि पद्धतियों और समृद्ध जैव-विविधता को सहेजने में मदद मिलेगी।
संवर्धन और रोजगार: आने वाले समय में इन फसलों पर आधारित कृषि प्रसंस्करण (Processing), मूल्य संवर्धन (Value Addition) और निर्यात को एक नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
संयुक्त प्रयासों से चूमा सफलता ने कदम
इस बड़ी सफलता के पीछे एक लंबा और वैज्ञानिक प्रयास रहा है। किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग, मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के साझा प्रयासों से राज्य को यह गौरव हासिल हुआ है।
2026: 'किसान कल्याण वर्ष' का संकल्प गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार चालू वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मना रही है। इस विशेष वर्ष के तहत सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की अधिक से अधिक अनूठी फसलों को जीआई टैग दिलाना है।
मध्य प्रदेश के गौरवशाली जीआई टैग (कृषि क्षेत्र)
इन चार नई फसलों के जुड़ने से मध्य प्रदेश के जीआई टैग का कुनबा और मजबूत हो गया है। इससे पहले भी राज्य की कई प्रसिद्ध उपजों को यह दर्जा मिल चुका है:
| फसल का नाम | संबंधित क्षेत्र/विशेषता |
|---|---|
| शरबती गेहूं | सीहोर (अपनी मिठास और सोने जैसी रंगत के लिए मशहूर) |
| सुंदरजा आम | रीवा (अद्भुत स्वाद और सुगंध) |
| सिताही व नागदमन कुटकी | महाकौशल क्षेत्र (पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज) |
| बैगानी अरहर व क्षत्रिय धान | आदिवासी अंचल (पारंपरिक और उच्च गुणवत्ता वाली फसलें) |
इन नए जीआई टैग्स के मिलने के बाद अब मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल के किसानों के उत्पाद देश ही नहीं बल्कि विदेशों के सुपरमार्केट्स में भी अपनी खास पहचान के साथ बिकने के लिए तैयार हैं।