छत्तीसगढ़ में यूरिया वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव: खरीफ 2025 के बराबर ही मिलेगा इस साल भी यूरिया, किसानों को बड़ी राहत

सहकारी समितियों में पर्याप्त स्टॉक होने पर किसानों को एकमुश्त मिल सकेगी पूरी खाद, डीएपी की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं।

01 Jul 2026  |  119

 

 

रायपुर।

छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए खरीफ सीजन में यूरिया वितरण की व्यवस्था में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में मिली यूरिया की मात्रा के बराबर ही इस खरीफ सीजन (2026) में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।

इस संवेदनशील और पारदर्शी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ब्लैक मार्केटिंग को रोकना, उर्वरक वितरण को सुगम बनाना और किसानों को समय पर खाद सुनिश्चित करना है। राज्य में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने पहले लागू कुछ कड़े प्रतिबंधों को भी हटा दिया है।

स्टॉक होने पर एकमुश्त मिलेगी पूरी खाद

नई व्यवस्था के तहत किसानों की सहूलियत के लिए एक विशेष प्रावधान किया गया है:

एकमुश्त वितरण: यदि संबंधित सहकारी समिति के पास पर्याप्त मात्रा में यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है, तो पात्र किसान अपनी तय मात्रा का पूरा यूरिया एक साथ (एक ही बार में) ले सकेंगे। उन्हें बार-बार समिति के चक्कर नहीं काटने होंगे।

सीमित स्टॉक की स्थिति: यदि किसी समिति में स्टॉक कम है, तो पहले उपलब्ध मात्रा का वितरण किया जाएगा और शेष बची हुई यूरिया की मात्रा नया स्टॉक पहुंचते ही तुरंत संबंधित किसान को दे दी जाएगी।

डीएपी (DAP) की पुरानी व्यवस्था रहेगी लागू

राज्य सरकार ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि नियमों में किया गया यह संशोधन केवल यूरिया के लिए ही प्रभावी होगा। डीएपी (DAP) उर्वरक के वितरण की वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वह पहले की तरह ही जारी रहेगी। सरकार का लक्ष्य सभी प्रकार के उर्वरकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है।

जिला प्रशासनों को सख्त निर्देश

इस नई व्यवस्था को जमीनी स्तर पर सुचारू रूप से लागू करने के लिए शासन ने सभी जिला कलेक्टरों, कृषि विभाग के आला अधिकारियों और सहकारी संस्थाओं को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे सोसायटियों में यूरिया की उपलब्धता की कड़ाई से निगरानी करें ताकि खरीफ फसलों की बुवाई और पोषण के समय किसानों को किसी भी तरह की किल्लत या अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

खेती-किसानी पर असर: राज्य सरकार के इस कदम से खरीफ सीजन की फसलों के लिए यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और कतारों में लगने वाले किसानों का समय बचेगा। यह पारदर्शी कदम छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को और मजबूती प्रदान करेगा।

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