ग्लोबल इनवेस्टमेंट हब बना भारत; पेप्सिको, लोरियल और डाबर समेत दिग्गज कंपनियां करेंगी ₹7,000 करोड़ से अधिक का निवेश, मिलेंगी 5,000 नौकरियां

वैश्विक मंदी के बीच भारतीय उपभोक्ता बाजार का जलवा, नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और ग्लोबल टेक हब से खुलेगा रोजगार का पिटारा; स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेंगे वैश्विक अवसर

02 Jul 2026  |  163

 

 

 

नई दिल्ली:

दुनिया के कई बड़े देशों में आर्थिक सुस्ती और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय बाजार वैश्विक दिग्गजों के लिए सबसे भरोसेमंद ठिकाना बनकर उभरा है। देश के मजबूत उपभोक्ता बाजार से उत्साहित होकर पेप्सिको (PepsiCo), लोरियल (L'Oréal), कैरियर (Carrier), हैलियन (Haleon), कार्लसबर्ग (Carlsberg) और डाबर (Dabur) जैसी घरेलू व बहुराष्ट्रीय कंपनियां अगले दो वर्षों में भारत में बड़े निवेश की तैयारी कर चुकी हैं। ये कंपनियां नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित कर देश में करीब 5,000 नई नौकरियां पैदा करने जा रही हैं।

उज्जैन में ₹1,266 करोड़ से महकेगा पेप्सिको का फ्लेवर प्लांट

दिग्गज फूड एंड बेवरेज कंपनी पेप्सिको ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि वह मध्य प्रदेश के उज्जैन में 1,266 करोड़ रुपये की लागत से पेय पदार्थों के फ्लेवर बनाने का अत्याधुनिक प्लांट लगाने जा रही है। पेप्सिको के इंटरनेशनल बेवरेज बिजनेस के सीईओ यूजीन विलेम्सन के मुताबिक, भारत उनके लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ग्रोथ मार्केट्स में से एक है। यह कंपनी का भारत में दूसरा और दुनिया का नौवां फ्लेवर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा, जिससे लगभग 500 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा।

लॉन्च होंगे टेक और ग्लोबल हब: लोरियल, कैरियर और कार्लसबर्ग की बड़ी छलांग

लोरियल (L’Oréal): ब्यूटी प्रोडक्ट्स क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी हैदराबाद में 3,500 करोड़ रुपये की लागत से अपना पहला ग्लोबल टेक हब बना रही है। कंपनी का अनुमान है कि इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए साल 2030 तक करीब 2,000 कुशल आईटी और टेक प्रोफेशनल्स को नौकरियां मिलेंगी।

कैरियर ग्लोबल (Carrier Global): आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में 100 मिलियन डॉलर (करीब 850 करोड़ रुपये) का निवेश कर नया प्लांट स्थापित कर रही है, जहां 1,500 कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।

कार्लसबर्ग (Carlsberg): डेनमार्क का यह मशहूर ग्रुप गुरुग्राम में अपना पहला आईटी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) शुरू कर रहा है, जहां शुरुआती चरण में ही 300 से अधिक आईटी प्रोफेशनल्स को नियुक्त किया जाएगा।

दिग्गज कंपनियों का निवेश और रोजगार का पूरा ब्योरा

कंपनी का नामनिवेश की राशि (अनुमानित)नया प्रोजेक्ट / स्थानसंभावित नौकरियां
L’Oréal₹3,500 करोड़ग्लोबल टेक हब, हैदराबाद~2,000 (2030 तक)
Haleon (GSK)₹2,000 करोड़मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, मध्य प्रदेश~500 (प्रत्यक्ष)
PepsiCo₹1,266 करोड़फ्लेवर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, उज्जैन~500
Carrier Global₹850 करोड़ ($100M)नया प्लांट, श्री सिटी (आंध्र प्रदेश)~1,500
Dabur₹400 करोड़ग्रीनफील्ड प्लांट, तमिलनाडु~250
Carlsbergआईटी जीसीसी (GCC), गुरुग्राम~300+

हैलियन और डाबर भी बढ़ा रहे हैं अपनी ताकत

सेंसोडाइन टूथपेस्ट बनाने वाली कंपनी हैलियन (Haleon) पहली बार भारत में स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू करने के लिए मध्य प्रदेश में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। कंपनी के भारत प्रमुख केदार लेले ने कहा कि इस प्लांट से स्थानीय प्रतिभाओं और सप्लायर नेटवर्क को बढ़ावा मिलेगा। दूसरी तरफ, आयुर्वेदिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी डाबर (Dabur) तमिलनाडु में 400 करोड़ रुपये की लागत से नया ग्रीनफील्ड प्लांट लगा रही है, जिसके एक-तिहाई हिस्से पर काम शुरू भी हो चुका है।

बैक-ऑफिस नहीं, अब 'ग्लोबल लीडर' बन रहे हैं भारतीय प्रोफेशनल्स

भर्ती विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में खुल रहे नए जीसीसी (GCC) अब केवल बैक-ऑफिस के काम तक सीमित नहीं हैं। 'पॉजिटिव मूव्स कंसल्टिंग' की पार्टनर सोनल बहल के अनुसार:

"भारतीय कर्मचारियों को अब वैश्विक जिम्मेदारियां और तेज फैसले लेने के मौके मिल रहे हैं। यह करियर ग्रोथ पारंपरिक कॉरपोरेट नौकरियों से कहीं ज्यादा आकर्षक और हाई-पेइंग है।"

घरेलू मांग मजबूत:

एचएसबीसी (HSBC) के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के ताजा सर्वे के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और तनाव के बावजूद भारत की घरेलू मांग बेहद मजबूत बनी हुई है। यही कारण है कि दुनिया की शीर्ष कंपनियां भारत को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि अपना ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और टेक बेस बनाने के लिए लगातार पूंजी लगा रही हैं।

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