छत्तीसगढ़: नौकरी के नाम पर बड़ा खेल: बोड़ला के युवक से ₹1.30 लाख की ठगी, फुटबॉल संघ के फर्जी सचिव ने व्हाट्सएप पर भेजा जॉइनिंग लेटर

रायपुर के स्टेडियम से शुरू हुई पहचान, सुकमा कलेक्ट्रेट में सत्यापन के दौरान खुला फर्जीवाड़े का राज; सुकमा से बोड़ला थाना ट्रांसफर हुई केस डायरी

05 Jul 2026  |  977

 

 

बोड़ला/कवर्धा। छत्तीसगढ़ में युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह लगातार सक्रिय हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला कबीरधाम जिले के बोड़ला थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक युवक को खेल विभाग में खेल प्रशिक्षक (कोच) की नौकरी दिलाने के नाम पर 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया है।

आरोपी ने खुद को फुटबॉल संघ का सचिव बताकर युवक को झांसे में लिया और बिना किसी परीक्षा के सीधे व्हाट्सएप पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया। सुकमा में जब इस पत्र का सत्यापन हुआ, तब जाकर इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

फुटबॉल प्रतियोगिता और गोवा यात्रा से जीता भरोसा

थाना बोड़ला क्षेत्र के ग्राम राम्हेपुर खुर्द निवासी 25 वर्षीय पीड़ित जुगेश्वर कुमार साहू ने पुलिस को बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में एक फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान उसकी मुलाकात लैलूंगा निवासी कलिंदर मिंज से हुई थी। इसके बाद दोनों 'छत्तीसगढ़ सेवन इनसाइड फुटबॉल संघ' के माध्यम से गोवा में आयोजित एक प्रतियोगिता में भी साथ गए थे। इसी खेल परिचय के कारण पीड़ित का आरोपी पर गहरा विश्वास हो गया था।

भर्ती का नोटिफिकेशन दिखा मांगे ₹2 लाख

दर्ज एफआईआर के अनुसार, नवंबर 2025 में आरोपी कलिंदर मिंज ने खुद को संघ का सचिव बताते हुए जुगेश्वर को खेल विभाग में भर्ती निकलने की जानकारी दी और मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन भी दिखाया। आरोपी ने जुगेश्वर से आवेदन भरवाया और उसके शैक्षणिक दस्तावेज, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र व फोटो अपने पास रख लिए।

सौदा: नौकरी लगने के बाद कुल 2 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी।

वसूली: आरोपी ने अलग-अलग समय पर पीड़ित से कुल 1,30,000 रुपये नगद ऐंठ लिए।

आंशिक वापसी: बाद में दबाव बढ़ने पर आरोपी ने 17 मार्च 2026 को फोन-पे के माध्यम से 40 हजार रुपये वापस किए, लेकिन बाकी की रकम डकार गया।

अंतिम तिथि पर सुकमा पहुंचा पीड़ित, तब उड़ा होश

10 जून 2026 को आरोपी ने जुगेश्वर के व्हाट्सएप पर एक नियुक्ति पत्र भेजा, जिसमें 20 से 30 जून के बीच सुकमा में खेल प्रशिक्षक के पद पर कार्यभार ग्रहण (जॉइनिंग) करने को कहा गया था। पीड़ित लगातार असली (हार्ड कॉपी) पत्र मांगता रहा, लेकिन आरोपी टालमटोल करता रहा।

जॉइनिंग की अंतिम तिथि 30 जून होने के कारण जुगेश्वर सीधे सुकमा कलेक्ट्रेट स्थित खेल विभाग के कार्यालय पहुंचा। वहाँ जब अधिकारियों ने पत्र देखा, तो उसे पूरी तरह फर्जी और जाली करार दिया। इसके बाद पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई।

सुकमा में दर्ज हुआ केस, अब बोड़ला पुलिस करेगी जांच

धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़ित ने तत्काल सुकमा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। सुकमा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3) एवं 340(1) के तहत मामला दर्ज किया।

केस डायरी बोड़ला स्थानांतरित: चूंकि पैसे का लेन-देन, दस्तावेजों को सौंपना और व्हाट्सएप पर फर्जी पत्र प्राप्त होने की पूरी घटना बोड़ला थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए सुकमा पुलिस ने मूल एफआईआर और 12 पन्नों की केस डायरी विवेचना के लिए बोड़ला थाने भेज दी है।

अब बोड़ला थाना पुलिस आरोपी कलिंदर मिंज के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर व्हाट्सएप संदेशों, कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक लेन-देन के साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच में जुट गई है।

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