रूस का कीव पर महा-हमला: दागीं 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन; बेबस यूक्रेन नहीं रोक पाया एक भी बैलिस्टिक मिसाइल, 28 मौतें

यूक्रेनी सेना के पास इंटरसेप्टर मिसाइलों का टोटा; भड़के जेलेंस्की बोले- जब तक पैट्रियट सहयोगियों के गोदामों में रहेंगे, हमारे लोग मरते रहेंगे; यूक्रेन का रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर पलटवार।

07 Jul 2026  |  1081

 

कीव/मॉस्को।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब तक के सबसे भीषण और विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। सोमवार को रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर कहर बरपाते हुए 68 मिसाइलें और 351 अटैक ड्रोन दागे। इस भीषण हवाई हमले में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यूक्रेन ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि एयर डिफेंस (इंटरसेप्टर) मिसाइलों की भारी कमी के चलते वह रूस की एक भी बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में नष्ट नहीं कर सका।

इंटरसेप्टर की कमी से बेबस हुआ यूक्रेन

राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेनी वायुसेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए 37 मिसाइलों और 326 ड्रोन को तो मार गिराया या उनका रास्ता भटका दिया, लेकिन हमले में शामिल 23 बैलिस्टिक मिसाइलों के आगे देश का डिफेंस सिस्टम पूरी तरह लाचार नजर आया। जेलेंस्की ने दुख जताते हुए कहा, "यह बेहद दर्दनाक है कि आज दुनिया में हमारे पास नागरिकों को बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाने के लिए पर्याप्त इंटरसेप्टर मिसाइलें तक नहीं हैं।"

कीव में मची भारी तबाही

एक हफ्ते के भीतर कीव पर यह रूस का दूसरा सबसे बड़ा हमला है। मिसाइलें सीधे रिहायशी इलाकों पर गिरीं, जिससे तीन बड़ी बहुमंजिला इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं। शहर में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए सैन्य हेलीकॉप्टरों को पास की नदी से पानी लाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। मृतकों में 18 लोग कीव शहर के और 10 लोग कीव के बाहरी इलाकों के निवासी थे।

यूक्रेन का अब तक का सबसे दूरगामी पलटवार

जहाँ एक तरफ कीव तबाह हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन ने रूस के भीतर घुसकर अब तक का सबसे बड़ा और लंबी दूरी का ड्रोन हमला किया है:

2400 किमी दूर हमला: यूक्रेन ने सीमा से करीब 2,414 किलोमीटर दूर स्थित रूस की सबसे बड़ी 'ओम्स्क रिफाइनरी' समेत तीन तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया।

600 से ज्यादा ड्रोन: रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन ने उसके ऊर्जा ढांचे को ध्वस्त करने के लिए 625 लंबी दूरी के ड्रोन भेजे थे, जिनमें से 613 को रूसी सेना ने मार गिराया।

नाटो समिट से पहले जेलेंस्की की पश्चिमी देशों से गुहार

तुर्किये के अंकारा में शुरू हो रही आगामी नाटो (NATO) समिट से ठीक पहले जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से तुरंत एयर डिफेंस सिस्टम और 'पैट्रियट मिसाइलें' भेजने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि जब तक ये हथियार पश्चिमी देशों के गोदामों में बंद रहेंगे, तब तक रूस यूक्रेन के मासूमों को निशाना बनाता रहेगा।

इस बीच, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि नाटो सम्मेलन में यूक्रेन की हवाई सुरक्षा (Air Defence) की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। गौरतलब है कि फरवरी 2022 से जारी इस युद्ध में रूस वर्तमान में यूक्रेन के लगभग 20% हिस्से पर अपना कब्जा जमा चुका है।

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