बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी ने खेला 'अभिषेक सिन्हा' पर दांव, जानिए कैसे '14 के चक्कर' ने बड़े-बड़े दिग्गजों को रेस से किया बाहर!

बूथ अध्यक्ष से सीधे विधानसभा टिकट का सफर; प्रशांत किशोर और आरजेडी की रेखा गुप्ता से होगा त्रिकोणीय मुकाबला, समझिए पटना की इस हाईप्रोफाइल सीट का पूरा जातीय समीकरण।

07 Jul 2026  |  1044

 

 

पटना।

बिहार की सबसे चर्चित और वीआईपी विधानसभा सीटों में शुमार 'बांकीपुर' पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इस सीट के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं। बीजेपी ने किसी बड़े या चर्चित चेहरे के बजाय संगठन के समर्पित सिपाही अभिषेक सिन्हा उर्फ बंटी को अपना उम्मीदवार बनाया है। 30 जुलाई को होने वाले इस मतदान में कई बड़े नाम टिकट की रेस में थे, लेकिन अंत में बाजी अभिषेक के हाथ लगी। आइए समझते हैं कि आखिर कौन से समीकरणों ने अभिषेक सिन्हा को रेस में सबसे आगे कर दिया।

1. क्या है '14 का चक्कर', जिसने चमकाई किस्मत?

बांकीपुर सीट पर अभिषेक सिन्हा की दावेदारी मजबूत होने के पीछे सबसे बड़ा कारण ’14 का चक्कर’ यानी वहां का जातीय गणित माना जा रहा है।

कायस्थ वोट बैंक: बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कायस्थ मतदाताओं की संख्या करीब 14 फीसदी है, जो किसी भी एक जाति में सबसे बड़ा हिस्सा है।

परंपरागत सीट को बचाने की कवायद: यह सीट पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान राज्यसभा सांसद नितिन नवीन के पास थी। उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई है। बीजेपी अपने इस मजबूत और परंपरागत वोट बैंक को किसी भी हाल में खिसकने नहीं देना चाहती थी, इसलिए पार्टी ने फिर से कायस्थ समाज से आने वाले अभिषेक सिन्हा पर ही दांव खेला।

2. बांकीपुर का पूरा जातीय समीकरण (एक नजर में)

बीजेपी ने बांकीपुर की चुनावी वैतरणी पार करने के लिए इस सामाजिक ताने-बाने को ध्यान में रखकर ही रणनीति तैयार की है:

जातिमतदाता हिस्सेदारी (%)
कायस्थ14%
यादव12%
मुस्लिम9%
चंद्रवंशी9%
वैश्य9%
दलित8%
भूमिहार8%
ब्राह्मण7%
राजपूत5%
कुर्मी5%
कुशवाहा3%
अन्य11%

 

3. कौन हैं अभिषेक सिन्हा 'बंटी'? (बूथ से विधानसभा तक)

अभिषेक सिन्हा को टिकट देकर बीजेपी ने अपने कैडर (कार्यकर्ताओं) को एक बहुत बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। अभिषेक कोई 'पैराशूट उम्मीदवार' नहीं हैं, बल्कि उनका सफर बेहद जमीनी रहा है:

27 वर्षों की तपस्या: वे पिछले करीब 27 सालों से बीजेपी में लगातार सक्रिय हैं।

बूथ अध्यक्ष से शुरुआत: उन्होंने राजनीति की शुरुआत सबसे निचले पायदान यानी बूथ अध्यक्ष के रूप में की थी।

संगठन में लंबा अनुभव: इसके बाद वे मंडल मंत्री, मंडल महामंत्री, पटना महानगर युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने और वर्तमान में वे बीजेपी युवा मोर्चा (BJYM), बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

4. प्रशांत किशोर और रेखा गुप्ता से महामुकाबला!

अभिषेक सिन्हा के नाम के ऐलान के साथ ही अब बांकीपुर की जंग त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प हो गई है। इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला इन तीन धुरंधरों के बीच होगा:

अभिषेक सिन्हा 'बंटी' (भारतीय जनता पार्टी - NDA)

रेखा गुप्ता (राष्ट्रीय जनता दल - महागठबंधन)

प्रशांत किशोर (जन सुराज)

निष्कर्ष:

राजधानी पटना के दिल में स्थित बांकीपुर सीट का यह उपचुनाव अब बिहार की सबसे बड़ी चुनावी लड़ाइयों में से एक बन चुका है। जहां एक तरफ आरजेडी अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश में है, वहीं प्रशांत किशोर की एंट्री ने मुकाबले को पूरी तरह अनप्रेडिक्टेबल (अप्रत्यशित) बना दिया है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी का '14 फीसदी' वाला यह दांव पार्टी की बादशाहत बरकरार रख पाता है या नहीं।

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